Manoharpur: पश्चिम सिंहभूम जिले के सुदूरवर्ती सारंडा क्षेत्र से एक संवेदनशील खबर सामने आई है। 31 मई को हुए आईईडी ब्लास्ट में एक पैर खो चुके बालिबा गांव निवासी साहु बारजो को आखिरकार प्रशासनिक मदद का सहारा मिला है।
मंगलवार को मनोहरपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) शक्तिकुंज ने प्रखंड कार्यालय में साहु बारजो को बैसाखी और आवश्यक राशन सामग्री प्रदान की। इस पहल से न केवल पीड़ित को राहत मिली बल्कि प्रशासन के प्रति भरोसा भी लौटा।
गौरतलब है कि साहु बारजो सारंडा वन क्षेत्र में शाल पत्ता चुनने गए थे, तभी पूर्व में नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी विस्फोट की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस हादसे में उन्होंने अपना बायां पैर खो दिया था और तब से बैसाखी के सहारे जीवनयापन कर रहे हैं।
बीडीओ शक्तिकुंज ने बताया कि, “हमें जैसे ही जानकारी मिली, तुरंत मदद पहुंचाई गई। साहु बारजो का आधार कार्ड खो जाने से उन्हें किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था। अब नया आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि परिवार को सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा सके।”
भावुक साहु बारजो ने कहा —
“बीडीओ सर की पहल से मुझे जीने का सहारा मिला है। पहले तो परिवार के लिए दो वक्त का भोजन जुटाना भी मुश्किल था, अब उम्मीद जगी है।”
जानकारी के अनुसार, दुर्घटना के बाद से परिवार में कोई भी आय अर्जित करने योग्य नहीं था। बीडीओ की इस मानवीय और प्रशासनिक पहल ने न केवल उन्हें आर्थिक राहत दी, बल्कि आत्मविश्वास भी लौटाया।









