“हो” भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर ऑल इंडिया हो लैंग्वेज एक्शन कमिटी के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य मंत्री से की मुलाकात

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Jamshedpur :  ऑल इंडिया हो लैंग्वेज एक्शन कमिटी का एक प्रतिनिधिमंडल, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सुरा बिरुली के नेतृत्व में भुवनेश्वर में ओडिशा सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन, श्रम एवं कर्मचारी राज्य बीमा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गणेश राम सिंह कुंटिया से मिला।

प्रतिनिधिमंडल ने जनजातीय “हो” भाषा को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर मंत्री को मांग पत्र सौंपा और आगामी “दोलाबु दिल्ली 5.0” धरना-प्रदर्शन और सेमिनार के लिए समर्थन का आग्रह किया।

राज्य मंत्री श्री कुंटिया ने “हो” भाषा को मान्यता दिलाने के प्रयासों में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

गौरतलब है कि 31 अक्टूबर 2025 को दिल्ली के जंतर मंतर में इस विषय पर एक विशाल धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा।

राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सुरा बिरुली ने बताया कि “हो” भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए कई वर्षों से राज्य और केंद्र सरकार से अनुरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष केंद्रीय गृह मंत्री ने इस विषय पर सकारात्मक आश्वासन दिया था, जबकि झारखंड और ओडिशा सरकारें पहले ही अपनी अनुशंसा पत्र भारत सरकार को भेज चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि यह भाषाई आंदोलन लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से अपनी मांगों को आगे बढ़ाएगा।

इस अवसर पर गिरीश चंद्र हेम्ब्रोम, बाजू चंद्रा सिरका, खिरोद हेम्ब्रोम, दामुरधर जामुदा, चंद्रो मोहन हाईबुरु, गोमिया ओमंग, महिनी कलुण्डिया, रानी तिरिया, पुनि हांसदा, पदमुनि हाईबुरु, प्रतिमा गुइया सहित कई प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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