Manoharpur: सारंडा के गेंडुग जंगल में घायल हथिनी की जिंदगी की जंग आखिरकार हार गई। आईईडी विस्फोट में गंभीर रूप से जख्मी हुई इस हथिनी ने रविवार तड़के करीब डेढ़ से दो बजे के बीच अंतिम सांस ली। सूत्रों के मुताबिक, मरने से कुछ घंटे पहले उसने फल और सब्जियां खाईं, लेकिन उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी।
शनिवार दिनभर वन विभाग की टीम और गुजरात से आई वनतारा टीम के विशेषज्ञ उसके इलाज में जुटे रहे, पर रात होते-होते हथिनी बेहद सुस्त पड़ गई। रविवार सुबह जब निगरानी दल मौके पर पहुंचा, तो हथिनी मृत पाई गई।
वन विभाग ने जंगल में ही पोस्टमार्टम कर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मौके पर विभागीय अधिकारी और स्थानीय वनकर्मी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व सारंडा के गेंडुग क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट में यह हथिनी गंभीर रूप से घायल हुई थी।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा।









