हाता, पूर्वी सिंहभूम। झारखंड राज्य के निर्माता, आदिवासी समाज के मसीहा और पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन की स्मृति में हाता प्रखंड कार्यालय में रविवार को पोटका प्रखंड समिति द्वारा श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। यह आयोजन गुरुजी के हाल ही में हुए निधन के बाद उनकी प्रेरणादायी जीवन यात्रा और योगदान को याद करने के लिए किया गया था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पोटका विधायक संजीव सरदार ने भावुक शब्दों में गुरुजी को श्रद्धांजलि देते हुए उनके संघर्ष और बलिदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा—
“गुरुजी ने अपने जीवन का हर क्षण जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए समर्पित किया। उन्होंने समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और अधिकार पहुंचाने के लिए लड़ाई लड़ी। उनका त्याग और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।”
तीन प्रखंडों में लगेगी प्रतिमाएं
विधायक संजीव सरदार ने इस मौके पर एक ऐतिहासिक घोषणा की। उन्होंने बताया कि पोटका, डुमरिया और जमशेदपुर प्रखंडों में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की आदमकद प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि इन प्रतिमाओं के माध्यम से आने वाली पीढ़ियां गुरुजी के योगदान को याद रखेंगी और उनके आदर्शों से प्रेरणा लेंगी।
गुरुजी के आदर्शों को अपनाने का आह्वान
विधायक ने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि गुरुजी के सपनों को साकार करने के लिए हमें उनके आदर्शों को अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि आज समाज को एकजुट होकर उनके द्वारा दिखाए गए रास्ते पर चलना चाहिए, जिससे जल, जंगल और जमीन की रक्षा हो सके और सामाजिक न्याय स्थापित हो।
श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा जनसैलाब
श्रद्धांजलि सभा का संचालन प्रखंड अध्यक्ष सुधीर सोरेन ने किया।
इस अवसर पर सुगीन महतो, बबलू चौधरी, चन्दनलाल महतो, भोला हेंब्रम, सुधीर सोरेन, भुवनेश्वर सरदार, बहादुर किस्कू, विमी सोरेन, चक्रधर महतो, फूलचंद सरदार, अनूप हेंब्रम, रामकांत हेंब्रम समेत सैकड़ों कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित थे।सभा के दौरान गुरुजी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया गया। पूरे कार्यक्रम का माहौल भावुक लेकिन प्रेरणादायी रहा, जिसमें गुरुजी के जीवन और विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।









