Jamshedpur : वरिष्ठ नागरिकों के कानूनी अधिकारों को लेकर धतकीडीह कम्यूनिटी सेंटर में रविवार को एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सामाजिक संस्था जीवन ज्योति के सहयोग से किया गया, जिसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) के सचिव धर्मेंद्र कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डालसा सचिव ने कहा, “जिले के सभी बुजुर्गों को हर महीने एक बार डालसा कार्यालय आना चाहिए। हम उनकी समस्याएं सुनने और समाधान करने को तत्पर हैं। डालसा में कोई शुल्क नहीं लिया जाता और बुजुर्गों को घरेलू हिंसा, उपेक्षा या मानसिक पीड़ा से उबारने में हमारी पूरी टीम सहायता करेगी। उन्होंने बताया कि हर थाने में डालसा के प्रतिनिधि (पीएलवी) मौजूद रहते हैं, जिनसे संपर्क कर बुजुर्ग सहायता प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि “मेंटेनेंस” के अधिकार के तहत न केवल पुत्र, बल्कि विवाहित पुत्री भी अपने माता-पिता की देखभाल की जिम्मेदार होती है।
अर्बन सर्विसेज के एरिया इंचार्ज नवीन कुमार ने टाटा फाउंडेशन की ओर से बुजुर्गों की सेवा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी और जीवन ज्योति संस्था के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन कर रहे संस्था के महासचिव मनोज मिश्रा ने प्रत्येक थाने में वरिष्ठ नागरिक हेल्प डेस्क की स्थापना की मांग उठाई और इस विषय में डालसा से हस्तक्षेप करने की अपील की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संस्था अध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार ने अपने संबोधन में वरिष्ठ नागरिकों पर हो रहे अत्याचारों का उल्लेख करते हुए डालसा सचिव से हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की।
एलएडीसी की सदस्य अधिवक्ता योगिता कुमारी ने डालसा के गठन, कार्यप्रणाली और उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग, महिलाएं, दिव्यांगजन, मानसिक रूप से पीड़ित एवं ज़रूरतमंद नागरिकों को डालसा के माध्यम से शीघ्र और निःशुल्क न्याय मिल सकता है। कार्यक्रम में पीएलवी नागेंद्र कुमार, दिलीप जायसवाल, सुनील पांडेय, मनोज कुमार, संस्था के उपाध्यक्ष रवि शंकर, और धन्यवाद ज्ञापनकर्ता आर.बी. सहाय प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिकों और आम जनों की भारी भागीदारी रही। प्रमुख उपस्थित लोगों में अंकित, महेश चौबे, शैलेन्द्र सिन्हा, शुभश्री दत्ता, रेणु सिंह, सरोज देवी, स्नेहलता चंद्रवंशी, शिशिर डे, जगन्नाथ मोहंती, किशोर वर्मा, बी.के. दास, एल.बी. प्रसाद, उत्तम दत्ता, जे.पी. सिंह, ज्योति उपाध्याय, अमरेश सिन्हा, आर.एस. मिश्रा, सुभाष मिश्रा, संजय भद्रा और विजय शर्मा के नाम उल्लेखनीय रहे।









