Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम जिले में अब आपदा प्रबंधन और राहत-बचाव कार्य पहले से अधिक प्रभावी और त्वरित हो सकेंगे, क्योंकि जिला प्रशासन के विशेष अनुरोध पर राज्य सरकार द्वारा नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) की 30 सदस्यीय टीम की प्रतिनियुक्ति की गई है।
इस संबंध में उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी द्वारा गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग, झारखंड सरकार को भेजे गए प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इसके तहत गुरुवार को एनडीआरएफ की टीम जमशेदपुर पहुंची और जादूगोड़ा में एक जलाशय में डूबे व्यक्ति की खोजबीन कर राहत-बचाव कार्य की शुरुआत भी कर दी।
एनडीआरएफ की इस विशेष यूनिट में 4 अधिकारी और 26 प्रशिक्षित जवान शामिल हैं, जो मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने के लिए चौबीसों घंटे मुस्तैद रहेंगे। टीम को बाढ़, जलजमाव, डूबने की घटनाएं, गैस लीक, इमारत ढहने या किसी भी आकस्मिक आपदा की स्थिति में तत्काल राहत और रेस्क्यू ऑपरेशन की जिम्मेदारी दी गई है।
उपायुक्त श्री सत्यार्थी ने कहा मानसून के समय जिले के निचले इलाकों में जलजमाव और नदियों के जलस्तर में वृद्धि जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में एनडीआरएफ टीम की स्थानीय स्तर पर तैनाती राहत कार्यों में निर्णायक साबित होगी।
गौरतलब है कि अब तक जिले में आपातकालीन स्थितियों में एनडीआरएफ को रांची, पटना या अन्य दूरस्थ स्थानों से बुलाना पड़ता था, जिससे समय की बर्बादी होती थी। एमजीएम अस्पताल की पुरानी दुर्घटनाएं, एनएच पर गैस लीक की घटनाएं, या बाढ़ जैसी परिस्थितियों में एनडीआरएफ की सेवाएं पहले भी ली जा चुकी हैं।
जिले में एनडीआरएफ की स्थायी तैनाती से आपदा प्रबंधन की तैयारियों को नई गति मिलेगी और नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं अधिक सुदृढ़ होगी।









