Jamshedpur : बहरागोड़ा प्रखंड के शिक्षा क्षेत्र को नई दिशा देते हुए बुधवार को मॉडल स्कूल के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन भव्य समारोह के बीच संपन्न हुआ। इस अवसर पर झारखंड सरकार के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के तौर पर बहरागोड़ा विधायक समीर कुमार मोहंती मौजूद रहे।
शिलान्यास एवं उद्घाटन की औपचारिकता दोनों नेताओं द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर की गई। इस दौरान भवन स्थल पर विधिपूर्वक पूजा-अर्चना कर आधारशिला रखी गई। समारोह में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे, जिससे कार्यक्रम की भव्यता और भी बढ़ गई।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सरकार की प्राथमिकता : रामदास सोरेन
समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि ग्रामीण और पिछड़े इलाकों के बच्चों को भी आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। उन्होंने कहा कि मॉडल स्कूल योजना इस दिशा में एक बड़ी पहल है, जिससे बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल, सुविधाएं और उज्जवल भविष्य मिलेगा।
बहरागोड़ा में शिक्षा विकास को दी प्राथमिकता : समीर मोहंती
विधायक समीर मोहंती ने कहा कि बहरागोड़ा क्षेत्र में शिक्षा को प्राथमिकता देना उनकी प्रतिबद्धता का हिस्सा रहा है। उन्होंने मॉडल स्कूल के सफल निर्माण और संचालन के लिए सभी विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह स्कूल स्थानीय विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित होगा।
गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति से बढ़ी शोभा
समारोह में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री दिनेश कुमार सारंगी, बीस सूत्री कार्यक्रम के अध्यक्ष असित मिश्रा, गुरुचरण मंडी, जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO), प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), अंचलाधिकारी (CO) सहित प्रशासनिक एवं राजनीतिक क्षेत्र के कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।
स्थानीय स्तर से भी कई प्रमुख जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही जिनमें नव कुंवर, तपन ओझा, निर्मल दुबे, कान्हु सामंत, ललित मंडी, शकीला हेंब्रम, शिवचरण हांसदा, शांति गोपाल दास, खितिश मुंडा, नरेश मंडल, बिशु ओझा, दीपक सिंह, पप्पू राउत, राजीव लेंका, जगदीश राय, नारू माइति, चेतन मुंडा, बापी साव, देवाशीष पैरा, मनोज माइति एवं मिथुन कर शामिल रहे।
शिक्षा के क्षेत्र में एक और सकारात्मक पहल
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने विद्यालय के भविष्य के शैक्षणिक विकास, संसाधनों की उपलब्धता और शिक्षकों की नियुक्ति पर भी चर्चा की। स्थानीय ग्रामीणों व अभिभावकों ने इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि इससे क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त होगी।











