बागबेड़ा-जुगसलाई में छापेमारी, दो आरोपियों ने वाराणसी में किया सरेंडर

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Jamshedpur  : जमशेदपुर के चर्चित विक्रम शर्मा हत्याकांड में पुलिस जांच तेज हो गई है। 13 फरवरी को देहरादून में हुई हत्या के मामले में पुलिस टीम बागबेड़ा और जुगसलाई क्षेत्र में आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थी। इसी बीच नामजद आरोपी

आकाश और आशुतोष ने वाराणसी कैंट थाना में आत्मसमर्पण कर दिया।
हालांकि मामले में तीसरे शूटर विशाल कुमार सिंह की गिरफ्तारी अब भी बाकी है। पुलिस का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद ही हत्या की साजिश की पूरी कड़ियां खुल सकेंगी। घटना के बाद से पुलिस विक्रम शर्मा के भाई अरविंद शर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर शूटरों की पहचान हो चुकी है, लेकिन पूरे घटनाक्रम का मास्टरमाइंड कौन है, इसका खुलासा अभी नहीं हुआ है।
अमरनाथ हत्याकांड से मिलती-जुलती कार्यशैली

सूत्रों के अनुसार, इस हत्याकांड की कार्यशैली गैंगस्टर अमरनाथ की बासुकीनाथ में हुई हत्या से मिलती-जुलती बताई जा रही है। उस मामले में भी गोली मारकर हत्या की गई थी और आरोप विशाल सिंह पर लगा था। वह जेल भी गया था और फिलहाल जमानत पर है।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि विशाल की गिरफ्तारी के बाद ही कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल पुलिस के हाथ मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बिना अधूरे माने जा रहे हैं।

“भाई ने ही रची साजिश?” – जांच में कई एंगल

जांच में पारिवारिक और कारोबारी विवाद का एंगल भी सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि विक्रम शर्मा और उनके भाई अरविंद शर्मा के बीच स्टोन क्रशर व्यवसाय को लेकर मतभेद चल रहा था। सूत्रों के अनुसार, अरविंद ने मानगो निवासी प्रभात के माध्यम से आकाश, विशाल और आशुतोष को घटना को अंजाम देने के लिए कथित रूप से हायर किया था।

पुलिस प्रभात की भी सरगर्मी से तलाश कर रही है। बताया जाता है कि घटना से एक माह पूर्व प्रभात, अरविंद के संपर्क में आया था और उसी ने कथित तौर पर शूटरों से उसकी मुलाकात कराई थी। हालांकि प्रभात के आपराधिक रिकॉर्ड की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पुराना आपराधिक इतिहास भी जांच के दायरे में

अरविंद शर्मा का नाम पूर्व में ट्रांसपोर्टर अशोक शर्मा हत्याकांड में भी आया था, हालांकि बाद में वह अदालत से बरी हो गए थे। 18 सितंबर 1998 को बिष्टूपुर में अशोक शर्मा की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस मामले में कई नाम सामने आए थे, जिनमें अखिलेश सिंह और विक्रम शर्मा का नाम भी शामिल था। हालांकि सजा केवल एक आरोपी को हुई थी, जबकि अन्य बरी हो गए थे।

अशोक शर्मा की हत्या के बाद अरविंद ने उनकी पत्नी पिंकी शर्मा से विवाह कर लिया था, जिससे उस समय भी कई तरह की चर्चाएं हुई थीं। सीआईडी जांच में अवैध संबंध और संपत्ति विवाद का एंगल सामने आया था।

शराब कारोबारी हत्या में भी था नाम

मामले में सरेंडर करने वाले आरोपी आकाश का नाम परसुडीह के नामोटोला में शराब कारोबारी विजय साहू की हत्या में भी सामने आया था। वह उस मामले में जेल भी जा चुका है।
पुलिस की अगली कार्रवाई

पुलिस अब विशाल कुमार सिंह और प्रभात की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।

विक्रम शर्मा हत्याकांड ने एक बार फिर शहर में आपराधिक नेटवर्क, पारिवारिक विवाद और पुराने गैंगवार की परतों को उजागर कर दिया है।

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