Ghatshila:झारखंड आंदोलन के अमर नायक वीर शहीद निर्मल महतो की जन्म जयंती गुरुवार को घाटशिला प्रखंड अंतर्गत झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संपर्क कार्यालय, फूलडुंगरी में पूरे श्रद्धा, उत्साह और संकल्प के साथ मनाई गई। यह आयोजन केवल एक स्मृति कार्यक्रम नहीं, बल्कि झारखंडी अस्मिता, संघर्ष और अधिकारों की चेतना को पुनः जीवंत करने का मंच बना।
कार्यक्रम की अध्यक्षता झामुमो घाटशिला प्रखंड अध्यक्ष दुर्गा चरण मुर्मू ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में झामुमो धालभूमगढ़ प्रखंड अध्यक्ष अर्जुन चन्द्र हांसदा उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद निर्मल महतो के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। उपस्थित नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने एक स्वर में उनके बलिदान को नमन किया।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि वीर शहीद निर्मल महतो की शहादत झारखंड के इतिहास की वह अमिट धरोहर है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके साहस, संघर्ष और बलिदान के कारण ही आज झारखंड एक अलग राज्य के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए है। वक्ताओं ने विशेष रूप से युवाओं से आह्वान किया कि वे शहीद निर्मल महतो के विचारों को आत्मसात कर सामाजिक न्याय, अधिकार और स्वाभिमान की लड़ाई को और मजबूत करें।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि शहीद निर्मल महतो का सपना केवल राज्य निर्माण तक सीमित नहीं था, बल्कि एक सशक्त, न्यायपूर्ण और आत्मसम्मान से परिपूर्ण झारखंड का निर्माण उनका मूल उद्देश्य था। इस आयोजन के माध्यम से उसी संकल्प को दोहराया गया।
कार्यक्रम का संचालन श्रमिक नेता काजल डॉन ने किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से प्रखंड सचिव खुदीराम हांसदा, प्रखंड कोषाध्यक्ष बाबूलाल मुर्मू, सुखलाल हांसदा, मेघराय बेसरा, प्रफुल्ल हांसदा, विकास मजुमदार, कालाचांद सरकार, देवलाल महतो, बकरुद्दीन, सचिव फुलचंद टुडू, राजा सिंह, सागर पानी, मृत्यंजय यादव, सुशांत पात्र, मुकेश दण्डपाट सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता एवं समर्थक उपस्थित थे।
कार्यक्रम के समापन पर सभी ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि शहीद निर्मल महतो के सपनों का झारखंड बनाने के लिए संघर्ष, संगठन और समर्पण की राह पर लगातार आगे बढ़ते रहेंगे।









