तंबाकू मुक्त युवा अभियान 3.0 – ट्रांसजेंडरों को दिया गया प्रशिक्षण

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Jamshedpur:तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए बर्मामाइन्स के गांधीनगर बस्ती स्थित अर्बन कम्युनिटी सेंटर में सोमवार को ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम सिविल सर्जन डॉ. साहिर पॉल के निर्देश पर राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) के तहत संचालित किया गया।

प्रशिक्षण शिविर में ट्रांसजेंडर समुदाय के प्रतिभागियों को नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के साथ-साथ समाज में तंबाकू सेवन को रोकने के प्रति जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया गया।

जिला परामर्शी मौसमी चटर्जी ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि तंबाकू नियंत्रण एक सामूहिक जिम्मेदारी है और इसके लिए समाज के हर वर्ग को आगे आने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि तंबाकू कंपनियां 13 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को अपना मुख्य लक्ष्य बनाती हैं, जिसके कारण स्कूलों के 100 गज के दायरे में तंबाकू बिक्री पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है।

उन्होंने राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि एनआरटी (Nicotine Replacement Therapy) की दवाइयां अब सभी प्रखंड स्तरीय दंत चिकित्सा केंद्रों में उपलब्ध हैं, जिससे इच्छुक लोग आसानी से तंबाकू छोड़ने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं। मौसमी चटर्जी ने तंबाकू में मौजूद 4000 से अधिक जहरीले तत्वों और उनके मानसिक एवं शारीरिक दुष्प्रभावों की भी विस्तार से जानकारी दी।

वहीं प्रशिक्षक कुन्दन कुमार ने सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम COTPA 2003 के प्रावधानों को समझाते हुए कहा कि दंड और जुर्माने का उद्देश्य सिर्फ कर संग्रह नहीं, बल्कि समाज में नियमों के प्रति जागरूकता और अनुशासन कायम करना है। उन्होंने सुझाव दिया कि कार्यस्थल पर हर सप्ताह कम से कम 10 मिनट तंबाकू के दुष्परिणामों पर चर्चा अवश्य होनी चाहिए ताकि अधिक से अधिक लोग जागरूक हो सकें।

कार्यक्रम में एनजीओ प्रतिनिधि प्रियाबरतो महापात्र और उनकी टीम भी मौजूद रहे।

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