टेल्को ग्राम विकास केंद्र से हटाए गए मजदूरों की बहाली की मांग, प्रबंधन ने दिया आश्वासन

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Jamshedpur : टेल्को स्थित ग्राम विकास केंद्र से हटाए गए मजदूरों की पुनः बहाली को लेकर स्थानीय स्तर पर आवाज तेज हो गई है। सोपोडेरा और गोविंदपुर स्थित सामुदायिक विकास केंद्रों में तीन पीढ़ियों से कार्यरत तीन मजदूरों को काम से हटाए जाने के विरोध में प्रतिनिधिमंडल ने प्रबंधन से मुलाकात कर उन्हें दोबारा काम पर रखने की मांग की।

इस संबंध में सामाजिक सेवा संघ के अध्यक्ष सह झामुमो नेता  के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने टेल्को ग्राम विकास केंद्र के प्रबंधक एलन जोसफ से बातचीत  की।
राजेश सामंत ने बताया कि जब समुदाय विकास केंद्रों की स्थापना हुई थी, तब टाटा मोटर्स कंपनी और ग्रामीणों के बीच यह समझौता हुआ था कि इन केंद्रों के माध्यम से स्थानीय लोगों को रोजगार दिया जाएगा और क्षेत्र में सड़क, नाली, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकांश केंद्र बंद हो चुके हैं और जो संचालित हैं, वहां भी धीरे-धीरे मजदूरों को हटाया जा रहा है। इसे कंपनी की केंद्रों को बंद करने की नीति का हिस्सा बताया गया।

उन्होंने कहा कि एक ओर राज्य सरकार स्थानीय लोगों को 75 प्रतिशत रोजगार देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय मजदूरों को ही काम से हटाया जा रहा है, जो चिंताजनक है।


प्रतिनिधिमंडल की बात सुनने के बाद प्रबंधक एलन जोसफ ने आश्वासन दिया कि काम से हटाए गए मजदूरों को जल्द ही पुनः बहाल किया जाएगा।


इस दौरान मुखिया शिवलाल लोहरा, पूर्व मुखिया प्रकाश शांडिल, झारखंड आंदोलनकारी नेता छोटे सरदार, जितेंद्र ठाकुर, विष्णु नाग, गोविंदपुर सामाजिक सेवा संघ की महिला अध्यक्ष रूपम सिंह, सुलोचना लोहरा सहित कई मजदूर और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

मजदूरों की बहाली को लेकर यह पहल अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है और सभी की नजरें प्रबंधन के अगले कदम पर टिकी हैं।

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