विश्व पर्यावरण दिवस पर गंभीर औद्योगिक हादसा, इको–सेंसिटिव ज़ोन में फैक्ट्री संचालन पर उठे सवाल
तारीख: 6 जून 2025 | स्थान: डिमना, जमशेदपुर
विश्व पर्यावरण दिवस के दिन जब देशभर में प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता फैलाई जा रही थी, उसी दिन जमशेदपुर के डिमना क्षेत्र में एक गंभीर औद्योगिक दुर्घटना ने न सिर्फ नागरिकों के स्वास्थ्य को खतरे में डाला, बल्कि पर्यावरणीय नियमों की धज्जियाँ भी उड़ा दीं।
5 जून 2025 की शाम करीब 7:30 से 8:00 बजे के बीच, STP Limited (Pipe Protection Products Division) की फैक्ट्री में स्थित टार (अलकतरा) मशीन में भीषण विस्फोट हुआ। विस्फोट के बाद फैक्ट्री से निकला गहरा काला और अत्यंत जहरीला धुआं आस-पास के घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों में फैल गया।

स्थानीय निवासियों की हालत बिगड़ी, कई घर छोड़कर भागे
डिमना रोड और आसपास के क्षेत्रों — बालिगुमा, सुखनाबस्ती, गोड़गोड़ा, धरमबांधा, रूपाई डांगा, डिमना, हिलव्यू कॉलोनी और जयपाल कॉलोनी — के सैकड़ों नागरिकों ने सांस लेने में कठिनाई, आंखों में जलन, उल्टी, सिरदर्द और बेचैनी जैसी गंभीर लक्षणों की शिकायत की।
बच्चों और बुजुर्गों की हालत सबसे अधिक चिंताजनक रही। भय और घबराहट के चलते कई परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना पड़ा।
????️ इको-सेंसिटिव ज़ोन में फैक्ट्री का संचालन: पर्यावरणीय मंजूरी पर सवाल
घटना के बाद यह सामने आया है कि STP लिमिटेड की यह फैक्ट्री एक पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील क्षेत्र (Eco-Sensitive Zone) में स्थित है। इस क्षेत्र में ऐसे प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों की स्थापना पर प्रतिबंध या विशेष पर्यावरणीय शर्तें लागू होती हैं।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने यह सवाल उठाया है कि:
- इस फैक्ट्री को पर्यावरणीय मंजूरी कैसे दी गई?
- किन शर्तों पर इसे संचालन की अनुमति मिली?
- क्या नियमानुसार उचित निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था लागू थी?

नागरिकों की प्रमुख मांगे
- इस घटना की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराई जाए।
- STP Limited के जिम्मेदार अधिकारियों पर आपराधिक मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
- प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं और सभी पीड़ितों को मुफ्त चिकित्सा सहायता मिले।
- यह जांच की जाए कि इको-सेंसिटिव ज़ोन में इस फैक्ट्री को संचालन की अनुमति कैसे मिली।
- भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए सख्त पर्यावरणीय निगरानी और नियंत्रण प्रणाली लागू की जाए।
प्रशासन से शिकायत और कार्रवाई की मांग
घटना से आक्रोशित स्थानीय नागरिकों ने इस मामले में MGM थाना, जमशेदपुर में एक सामूहिक लिखित शिकायत दर्ज कराई है और जिला प्रशासन व राज्य सरकार से जनहित में शीघ्र एवं कठोर कार्रवाई करने की अपील की है।
यह हादसा पर्यावरण संरक्षण के प्रति सरकारी प्रतिबद्धता और स्थानीय उद्योगों की जवाबदेही पर एक कड़ा सवाल है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गम्भीर मुद्दे को कितनी तत्परता और पारदर्शिता के साथ लेता है।











