Potka: पूर्वी सिंहभूम जिले में स्टोन माइनिंग के बाद छोड़े गए खतरनाक गड्ढों का मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। पोटका विधायक संजीव सरदार ने इस मुद्दे को झारखंड विधानसभा में जोरदार तरीके से उठाते हुए सरकार का ध्यान आम जनता की सुरक्षा की ओर आकृष्ट किया।
‘शून्य काल’ के दौरान सदन में अपनी बात रखते हुए विधायक ने कहा कि जिले के विभिन्न इलाकों में खनन कार्य के बाद गहरे और जानलेवा गड्ढे खुले छोड़ दिए गए हैं। ये गड्ढे लगातार हादसों को न्योता दे रहे हैं और स्थानीय लोगों के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं।
उन्होंने विशेष रूप से वर्षा ऋतु का उल्लेख करते हुए कहा कि बारिश के दिनों में इन गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। कई मामलों में मवेशियों और लोगों के गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित लीजधारक खनन के बाद गड्ढों के समतलीकरण की अनिवार्य प्रक्रिया का पालन नहीं कर रहे हैं, जो कि नियमों का सीधा उल्लंघन है। इस लापरवाही को उन्होंने जनसुरक्षा के साथ खिलवाड़ करार दिया।
सदन में सरकार से स्पष्ट मांग करते हुए संजीव सरदार ने कहा कि इन खतरनाक गड्ढों का अविलंब समतलीकरण कराया जाए, ताकि संभावित हादसों को रोका जा सके और आम लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
अब देखना होगा कि सरकार इस गंभीर मुद्दे पर कितनी तेजी से कार्रवाई करती है, क्योंकि यह मामला सीधे तौर पर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।









