Ghatshila:घाटशिला प्रखंड के कीताडीह स्थित सोनादेवी विश्वविद्यालय का वार्षिक उत्सव “शंखनाद 2.0” महज एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की शैक्षिक चेतना, सामाजिक बदलाव और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत दस्तक बनकर उभरा। मंच, शब्द और संकल्प—तीनों ने मिलकर यह स्पष्ट कर दिया कि घाटशिला अब शिक्षा के नए युग में प्रवेश कर चुका है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि घाटशिला विधायक सोमेश चन्द्र सोरेन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए जिस आत्मीयता और दूरदृष्टि का परिचय दिया, उसने पूरे वातावरण को प्रेरणादायक बना दिया। मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान के दौरान विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “प्रतिभा का सम्मान ही किसी भी समाज की असली पूंजी होती है।”
अपने संबोधन में विधायक सोमेश सोरेन भावुक भी दिखे, जब उन्होंने अपने दिवंगत बाबा, पूर्व विधायक रामदास सोरेन के उस स्वप्न को साझा किया, जिसमें घाटशिला को एक सशक्त एजुकेशन हब के रूप में विकसित करने की परिकल्पना थी। डिग्री कॉलेज, कृषि विश्वविद्यालय, तकनीकी संस्थान और जनजातीय विश्वविद्यालय की नींव उसी दूरदर्शी सोच का परिणाम रही है। विधायक ने पूरे विश्वास के साथ कहा कि वे उस अधूरे स्वप्न को पूर्ण करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सोनादेवी विश्वविद्यालय को स्थानीय छात्रों के लिए “वरदान” बताते हुए विधायक ने कहा कि अब क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। यह शिक्षा के विकेंद्रीकरण के साथ-साथ सामाजिक न्याय की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
विश्वविद्यालय प्रबंधन के प्रयासों की सराहना करते हुए विधायक ने कहा कि जब जनप्रतिनिधि और शैक्षणिक संस्थान एक साथ मिलकर काम करते हैं, तभी किसी क्षेत्र का सर्वांगीण विकास संभव हो पाता है। शंखनाद 2.0 वास्तव में उस परिवर्तन का उद्घोष है, जहां शिक्षा, संकल्प और समाज एक ही दिशा में आगे बढ़ते नजर आए।
इस अवसर पर प्रखंड अध्यक्ष दुर्गा चरण मुर्मू, वरिष्ठ नेता जगदीश भकत, काजल डॉन, सुशील मार्डी, अम्पा हेंब्रम, सुजय सिंह, सुखलाल हांसदा, सौरभ बोस, अंकुर कवाड़ी सहित झामुमो के कई वरिष्ठ एवं युवा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।









