सिदगोड़ा सूर्य मंदिर में राममय माहौल, 51 सौ दीपों की आभा से जगमगाया परिसर

SHARE:

Jamshedpur:सिदगोड़ा स्थित सूर्यधाम में बने भव्य श्रीराम मंदिर की छठवीं वर्षगांठ इस बार श्रद्धा, उत्साह और भव्य आयोजन के साथ मनाई गई। चार दिनों तक चले धार्मिक अनुष्ठान का शनिवार को विशाल महाभंडारा, 51 सौ दीपों की अलौकिक रोशनी और आतिशबाजी के साथ समापन हुआ। पूरा परिसर दीपों की स्वर्णिम आभा में ऐसा नहाया कि मानो दीपावली का उत्सव समय से पहले ही उतर आया हो।

सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच राम दरबार की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद सुंदरकांड का संपूर्ण पाठ हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने एक स्वर में भाग लिया। जैसे ही संध्या ढली, दीप प्रज्वलन का क्रम शुरू हुआ और देखते ही देखते 51 सौ दीपों की सजी कतारों ने पूरे सूर्यधाम को दिव्य प्रकाश से आलोकित कर दिया।

पूजन कार्यक्रम में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं सूर्य मंदिर समिति के मुख्य संरक्षक रघुवर दास शामिल हुए। उन्होंने राम मंदिर में दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत सदैव से धर्मपरायण राष्ट्र रहा है और जमशेदपुर की जनता की आस्था एवं भक्ति भावना अद्वितीय है। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए सभी श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं का आभार जताया।

संध्याकालीन महाआरती में जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने श्रद्धालुओं के साथ आरती की और शहरवासियों के सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। महिलाओं द्वारा बनाई गई रंगोलियों और ‘जय श्रीराम’ लिखे दीपों ने आयोजन की सुंदरता को और बढ़ा दिया।
महाभंडारा में उमड़ा जनसैलाब

चार दिवसीय अनुष्ठान का समापन विशाल महाभंडारे के साथ हुआ। शाम 6 बजे से देर रात तक चले इस भंडारे में 5 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति ने पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग व्यवस्था की थी, जिससे आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हुआ।

सूर्य मंदिर समिति के संरक्षक चंद्रगुप्त सिंह ने कहा कि श्री शिवलिंग प्राण प्रतिष्ठा, गरुड़ स्तंभ स्थापना और श्रीराम मंदिर की वर्षगांठ जैसे पावन अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति समाज में बढ़ती धार्मिक चेतना और सांस्कृतिक जागरण का प्रमाण है। उन्होंने भविष्य में भी जनसहभागिता बनाए रखने की अपील की।

रात्रि में भव्य आतिशबाजी और रंग-बिरंगी विद्युत सज्जा ने पूरे क्षेत्र को उत्सवमय बना दिया। श्रद्धालु देर रात तक भक्ति संगीत और आरती के वातावरण में डूबे रहे।

इस अवसर पर मंदिर समिति के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। सिदगोड़ा सूर्यधाम एक बार फिर आस्था, विश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बनकर उभरा।

Leave a Comment