काशी साहू कॉलेज में मानवाधिकार दिवस पर विधिक जागरूकता शिविर, संविधान के मौलिक अधिकारों पर छात्रों को मिली महत्वपूर्ण जानकारी

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Adityapur  : मानवाधिकार दिवस के अवसर पर काशी साहू कॉलेज में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) के निर्देशन में एक विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डालसा के सचिव तौसीफ मेराज मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने छात्रों को संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, विशेषकर अनुच्छेद 21—जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार—पर विस्तृत रूप से जानकारी दी।

तौसीफ मेराज ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने समय-समय पर जीवन के अधिकार की व्यापक व्याख्या की है। कॉमन कॉज़ बनाम यूनियन ऑफ़ इंडिया मामले का हवाला देते हुए उन्होंने समझाया कि गरिमा के साथ मृत्यु का अधिकार भी जीवन के अधिकार के दायरे में आता है। उन्होंने छात्रों को मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए उपलब्ध कानूनी उपायों और संवैधानिक सुरक्षा की भी जानकारी दी।

कार्यक्रम में कॉलेज की उप-प्राचार्या सुप्रभा टुटी, संकाय सदस्य, प्रशिक्षु अधिवक्ता, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित थे। छात्रों ने मानवाधिकारों, कानूनी प्रक्रियाओं और संवैधानिक अधिकारों पर कई सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से समाधान किया।

इस शिविर का उद्देश्य छात्रों में संवैधानिक मूल्यों की समझ बढ़ाना, उन्हें उनके अधिकारों और कर्तव्यों से परिचित कराना और समाज में जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करना था।

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