Seraikela Election Process चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सरायकेला में जिला निर्वाचन पदाधिकारी की बैठक

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राजनीतिक दलों से मिले सुझाव, मतदाता सूची को त्रुटिहीन बनाने पर जोर

सरायकेला: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार लोकतांत्रिक प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त रवि शंकर शुक्ला ने मंगलवार को समाहरणालय सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक का उद्देश्य चुनावी प्रक्रियाओं को प्रभावी और निष्पक्ष बनाना था।

बैठक में जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और 1951, मतदाता पंजीकरण नियम 1960, चुनाव संचालन नियम 1961, सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों और भारत निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों के अनुपालन को लेकर चर्चा की गई।

मतदाता सूची को त्रुटिहीन बनाने पर विशेष जोर

उपायुक्त रवि शंकर शुक्ला ने बैठक के दौरान कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए सबसे महत्वपूर्ण है कि मतदाता सूची में कोई त्रुटि न हो। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे अपने बूथ लेवल एजेंट (BLA) का चयन कर 27 मार्च 2025 तक जिला निर्वाचन कार्यालय को सूची उपलब्ध कराएं ताकि उन्हें बीएलओ (BLO) के साथ टैग कर मतदाता सत्यापन की प्रक्रिया को तेज किया जा सके।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में –

नया नाम जोड़ने

त्रुटि सुधारने

अनुपस्थित (मृत या शिफ्टेड) मतदाताओं का नाम हटाने


की प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है। राजनीतिक दलों से आग्रह किया गया कि वे बीएलओ के साथ समन्वय बनाकर मतदाता सूची को त्रुटिहीन बनाने में सहयोग करें।

चुनावी पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सुझाव

बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए अपने सुझाव साझा किए। कुछ प्रमुख सुझावों में शामिल हैं –

1. मृत या स्थानांतरित मतदाताओं का नाम हटाने – उपायुक्त ने कहा कि गैर-चुनावी वर्ष में बीएलओ के सत्यापन के बाद ऐसे मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।


2. दो जगहों पर नाम होने की स्थिति में जांच – एक से अधिक जिलों या राज्यों में नाम दर्ज होने पर आधार कार्ड से लिंक कर डुप्लिकेट एंट्री हटाई जाएगी।


3. शहरी क्षेत्रों में कम मतदान प्रतिशत सुधारने के लिए बूथवार सत्यापन – बीएलओ के माध्यम से मतदाताओं को नजदीकी मतदान केंद्र से जोड़ा जाएगा।


4. मतदाता हेल्पलाइन (1950) का प्रचार-प्रसार – आम नागरिकों को इस सुविधा की जानकारी देने पर जोर दिया गया।



निर्णय और अगली प्रक्रिया

बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी राजनीतिक दलों को निर्देश दिया कि वे 27 मार्च 2025 तक अपने बूथ लेवल एजेंट (BLA) की सूची जिला निर्वाचन कार्यालय को सौंप दें ताकि मतदाता सूची का सत्यापन कार्य सुचारू रूप से किया जा सके।

बैठक में अपर उपायुक्त एवं निर्वाची निबंधन पदाधिकारी जयवर्धन कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी सुरेंद्र उरांव, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

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