भ्रामक सूचनाओं के दौर में प्रेस की विश्वसनीयता पर मंथन, जमशेदपुर में संगोष्ठी आयोजित

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Jamshedpur : बढ़ती भ्रामक सूचनाओं और फेक न्यूज़ के चुनौतीपूर्ण दौर में पत्रकारिता की विश्वसनीयता को बनाए रखने के उद्देश्य से जिला जनसंपर्क कार्यालय, पूर्वी सिंहभूम द्वारा प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर के सहयोग से सोमवार को एक महत्वपूर्ण परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय था — “बढ़ती भ्रामक सूचनाओं के बीच प्रेस की विश्वसनीयता का संरक्षण”।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में वरिष्ठ पत्रकार, पूर्व संपादक एवं लेखक अनुज सिन्हा उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि भ्रामक खबरों का प्रभाव केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समाज और देश पर उसका दूरगामी दुष्प्रभाव पड़ता है। उन्होंने आगाह किया कि यदि पत्रकारिता पूरी तरह सोशल मीडिया आधारित हो जाएगी, तो इसके परिणाम नकारात्मक होंगे।

उन्होंने कहा कि रिपोर्टर और अखबार की अपनी एक साख होती है। गलती किसी से भी हो सकती है, लेकिन जानबूझकर बार-बार गलती करना स्वीकार्य नहीं है। यदि पत्रकार धैर्य, संयम और तथ्यों की गहन जांच के साथ दबावमुक्त होकर कार्य करें, तो गलतियों की संभावना स्वतः कम हो जाती है। उन्होंने कहा कि ऐसा कार्य करें कि आने वाली पीढ़ी आप पर गर्व करे और परिवार को शर्मिंदगी न उठानी पड़े।
विशिष्ट अतिथि अपर उपायुक्त भगीरथ प्रसाद ने कहा कि यह मान लेना कि केवल हम ही सही हैं, एक गलत सोच है। पत्रकारिता का एक सैद्धांतिक और राष्ट्रीय दायित्व होता है, जिसका ईमानदारी से पालन किया जाना चाहिए।

परिचर्चा में संपादक गणेश मेहता ने कहा कि पाठक और समाज मीडिया पर निर्भर हैं, इसलिए विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पत्रकारों को समय-समय पर स्वयं को अपडेट और परिष्कृत करना आवश्यक है।
संपादक उदित अग्रवाल ने चिंता जताते हुए कहा कि पत्रकारिता का अत्यधिक सोशल मीडिया पर निर्भर होना खतरनाक संकेत है, क्योंकि कई बार सोशल मीडिया भ्रामक सूचनाओं का स्रोत बन जाता है।
करीम सिटी कॉलेज के मास कम्युनिकेशन विभाग की अध्यक्ष डॉ. नेहा तिवारी ने कहा कि अखबार और मीडिया किसी भी सूचना की अंतिम पुष्टि का माध्यम होते हैं, इसलिए एआई या अपुष्ट स्रोतों पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहा जा सकता।

वरिष्ठ संपादक जयप्रकाश ने कहा कि समय के साथ बदलाव स्वाभाविक है, लेकिन अनुभव, धैर्य और संयम के बल पर फेक न्यूज़ जैसी चुनौतियों से पार पाया जा सकता है।
संपादक बृजभूषण ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ में गिरावट की चर्चा होती रही है, लेकिन आज भी जनता की उम्मीदें मीडिया से जुड़ी हैं और उस विश्वास को बनाए रखना पत्रकारों का कर्तव्य है।
कार्यक्रम में जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पंचानन उरांव ने स्वागत संबोधन एवं विषय प्रवेश कराते हुए डिजिटल युग में पत्रकारिता के समक्ष उपस्थित चुनौतियों पर प्रकाश डाला। धन्यवाद ज्ञापन संपादक संजय मिश्रा ने किया।

अतिथियों का स्वागत प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर के अध्यक्ष संजीव भारद्वाज एवं महासचिव विकास श्रीवास्तव द्वारा शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर किया गया।
इस अवसर पर डॉ. प्रियंका झा की पुस्तक तथा विकास श्रीवास्तव द्वारा संपादित बाल कवियों का संग्रह ‘उड़ान’ का विमोचन भी किया गया।
प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर द्वारा दिवंगत पत्रकार मनीष सिन्हा (दैनिक प्रभात खबर), स्वतंत्र पत्रकार श्रीसिद्धनाथ दुबे एवं अजय पांडे (चाकुलिया) को मरणोपरांत सम्मानित किया गया, जिसे उनके परिजनों ने ग्रहण किया।

इसके अलावा वरिष्ठ पत्रकार डॉ. राजेश कुमार लाल दास, देवाशीष सरकार, अरविंद सिंह, कुलविंदर सिंह, संतोष कुमार कालिंदी सहित अन्य पत्रकारों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार कवि कुमार, बी. श्रीनिवास, गुलाब सिंह, मनोज सिंह, ब्रजेश सिंह, बी.के. ओझा, मनीष तिवारी, वेद प्रकाश गुप्ता, देवाशीष चक्रवर्ती, जयनंदन शर्मा समेत बड़ी संख्या में मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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