Jamshedpur : जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने एमजीएम अस्पताल में उत्पन्न गंभीर जलसंकट को लेकर पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता पर सीधा और तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि एमजीएम अस्पताल में पानी का संकट किसी तकनीकी भूल का नहीं, बल्कि चुनावी लाभ के लिए की गई जल्दबाज़ी का परिणाम है। सरयू राय ने आरोप लगाया कि 2024 के विधानसभा चुनाव से ठीक 15 दिन पहले बिना समुचित जल व्यवस्था के ही मुख्यमंत्री से अस्पताल का उद्घाटन करवा दिया गया।
गुरुवार को दो घंटे से अधिक समय तक एमजीएम अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद सरयू राय ने कहा कि बन्ना गुप्ता अब “मेयरपति” बनने के मूड में हैं, क्योंकि उनकी पत्नी मानगो नगर निगम का चुनाव लड़ रही हैं। ऐसे में उनसे यह अपेक्षा करना कि वे अपनी गलती स्वीकार करें और स्थिति स्पष्ट करें, अपने आप में अजीब है।
सरयू राय ने सवाल उठाया कि जब अस्पताल भवन का निर्माण एलएंडटी जैसी प्रतिष्ठित कंपनी ने किया, तो जल व्यवस्था की योजना क्यों नहीं बनाई गई। जल संकट गहराने पर अस्पताल प्रशासन ने पांच डीप बोरिंग कराईं, जो बरसात में तो कारगर रहीं, लेकिन गर्मी शुरू होते ही उनका जलस्तर तेजी से गिरने लगा है। उन्होंने चेताया कि भू-गर्भ जल स्तर लगातार नीचे जा रहा है और आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह होगी।
उन्होंने बताया कि एमजीएम अस्पताल को प्रतिदिन कम से कम 5 लाख लीटर पानी की आवश्यकता है, जबकि मानगो नगर निगम और डीप बोरिंग मिलाकर मुश्किल से 2 लाख लीटर पानी ही उपलब्ध हो पा रहा है। ऐसे में सवाल यह है कि भीषण गर्मी में अस्पताल का संचालन कैसे होगा।

सरयू राय ने उस परियोजना का भी निरीक्षण किया, जिसके तहत स्वर्णरेखा नदी से पानी खींचकर एमजीएम अस्पताल तक पहुंचाने की योजना है। इंटकवेल निर्माण स्थल पर मौजूद सुपरवाइजर ने बताया कि परियोजना को पूरा होने में अभी एक से डेढ़ माह का समय लगेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने पहले ही सुझाव दिया था कि टाटा स्टील द्वारा डिमना लेक से लाए जा रहे पानी में से अस्थायी तौर पर एमजीएम अस्पताल को पानी दिया जाए। साथ ही डोबो डैम से पानी लेने का भी विकल्प सुझाया गया था, लेकिन सरकार ने इन प्रस्तावों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
सरयू राय ने चेतावनी दी कि यदि मानगो के लोगों के हिस्से का पानी अस्पताल को दिया जाएगा, तो गर्मी में आम जनता को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ेगा। कई मोहल्लों में पहले ही पानी की किल्लत है।
उन्होंने कहा कि पानी की कमी के कारण अस्पताल भवन का कार्य और चिकित्सा सेवाएं दोनों प्रभावित हो रही हैं। बुधवार और गुरुवार को पानी की किल्लत के चलते कई अत्यावश्यक ऑपरेशन स्थगित करने पड़े। गुरुवार को नगर निगम द्वारा 1.20 लाख लीटर पानी टैंकर से भेजे जाने के बावजूद स्थिति सामान्य नहीं हो सकी।
सरयू राय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एमजीएम अस्पताल में आज जो भी अव्यवस्था है, उसकी नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी बन्ना गुप्ता को लेनी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि चुनावी लाभ के लिए बिना पानी की व्यवस्था के अस्पताल का उद्घाटन कराना किस तरह का जनहित है?
निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल के आईसीयू, हड्डी विभाग, गायनोलॉजी विभाग और ऑपरेशन थिएटर का भी दौरा किया तथा चिकित्सकों और उपाधीक्षक से बातचीत की। सभी ने पानी की कमी से उत्पन्न कठिनाइयों की पुष्टि की।









