प्रखंड स्तर पर माइक्रो प्लान बनाकर कार्य की रणनीति, योजनाओं के लक्ष्य समय पर पूरा करने का आदेश
Sarailela : सरायकेला समाहरणालय स्थित सभागार में गुरुवार को उपायुक्त नितीश कुमार सिंह की अध्यक्षता में ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, अबुआ आवास योजना और अन्य कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबित कार्यों में तेजी लाई जाए और तय समयसीमा में योजनाओं को पूर्ण किया जाए।बैठक में उप विकास आयुक्त आशीष अग्रवाल, डीआरडीए निदेशक डॉ. अजय तिर्की, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

योजनावार समीक्षा और दिए गए निर्देश:
1. प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) व अबुआ आवास योजना:
उपायुक्त ने अपूर्ण आवास निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने एवं लंबित प्रथम, द्वितीय और तृतीय किस्तों का नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित करने का आदेश दिया। अबुआ आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृति प्रतिशत को बढ़ाने और किस्तों के समय पर भुगतान पर भी बल दिया गया।

2. मनरेगा योजनाएं:
- बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत मांग के अनुसार फलों एवं मिक्स फलों के वृक्षारोपण पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
- बिरसा कूप संवर्धन योजना में लाभुकों का चयन कर कुआं निर्माण कार्य को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
- डोभा, बागवानी योजना, वीर शहीद पोटो हो खेल विकास योजना, पीड़ी जेनरेशन जैसे कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए प्रत्येक गांव में कम से कम 5 योजनाएं क्रियान्वित करने की रणनीति बनाई गई।
3. मानव सृजन पर जोर:
उपायुक्त ने मनरेगा के तहत मानव सृजन की संख्या बढ़ाने एवं इसमें महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि रोजगार के अवसरों को अधिक से अधिक सृजित किया जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण हो।

4. निष्क्रिय योजनाओं को बंद करने का आदेश:
ऐसी योजनाएं जिनमें कार्य प्रारंभ नहीं हो रहा है या लाभुक रुचि नहीं दिखा रहे हैं, उन्हें ग्राम सभा के माध्यम से क्लोज कराकर उनकी जगह नई योजनाओं का चयन कर कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए गए।
5. प्रगतिशील किसानों को पहचानने की पहल:
उपायुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि एक्टिव किसानों की सूची तैयार कर उनके यूनिक कार्यों और नई तकनीकों के सफल प्रयोगों को दूसरे किसानों के समक्ष प्रस्तुत किया जाए ताकि अन्य किसान भी इससे प्रेरित होकर अपनी आय बढ़ा सकें।
माइक्रो प्लानिंग पर जोर
बैठक के दौरान उपायुक्त ने कहा कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्रखंड स्तर पर माइक्रो प्लान बनाना अनिवार्य है। इससे न केवल योजनाएं समयबद्ध रूप से पूरी होंगी, बल्कि संसाधनों का समुचित उपयोग भी सुनिश्चित हो सकेगा।










