आंकड़ों की बाजीगरी और जनता को भ्रमित करने वाला बजट : पूर्णिमा साहू

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Jamshedpur :  जमशेदपुर पूर्वी की विधायक Purnima Sahu ने झारखंड सरकार द्वारा विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए बजट पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बजट को “आंकड़ों की बाजीगरी और जनता को भ्रमित करने वाला” करार देते हुए कहा कि सरकार बड़े-बड़े आंकड़े प्रस्तुत कर वास्तविक स्थिति से ध्यान भटका रही है।

विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि पिछले बजट में सरकार ने 1 लाख 36 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया था, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि उसका कितना प्रभावी क्रियान्वयन हो पाया। उन्होंने दावा किया कि बजट की तुलना में 70 प्रतिशत उपलब्धि भी हासिल नहीं हो सकी। ऐसे में फिर से भारी-भरकम आंकड़े पेश कर जनता को गुमराह करने का क्या औचित्य है? उन्होंने सरकार से दिखावटी नहीं, बल्कि यथार्थवादी और जमीन से जुड़ा बजट पेश करने की मांग की।

महिलाओं से जुड़े वादों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को दोबारा सत्ता में आए एक वर्ष से अधिक समय हो चुका है, लेकिन चुनाव के दौरान 450 रुपये में गैस सिलेंडर देने का जो वादा किया गया था, वह अब तक अधूरा है। इस बजट में भी इस संबंध में कोई ठोस घोषणा नहीं की गई, जिससे राज्य की महिलाओं में निराशा है।

उन्होंने राज्य की नौकरियों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के वादे की याद दिलाते हुए कहा कि इस दिशा में भी अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। साथ ही, चुनाव के दौरान ओबीसी समाज को 27 प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा का भी बजट में उल्लेख नहीं किया गया।

विधायक ने कहा कि गरीब परिवारों को 7 किलो चावल और 2 किलो दाल मुफ्त देने की योजना तथा हर गरीब परिवार को 15 लाख रुपये तक स्वास्थ्य बीमा कवरेज देने का वादा भी अब तक अधूरा है। जब सरकार अपने प्रमुख चुनावी वादों को ही पूरा नहीं कर पा रही है, तो इस बजट को जनकल्याणकारी कैसे कहा जा सकता है?

उन्होंने निष्कर्ष में कहा कि यह बजट विकास की ठोस रूपरेखा प्रस्तुत करने के बजाय केवल आंकड़ों की चमक-दमक तक सीमित रह गया है। जनता को राहत, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की उम्मीद थी, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी है।

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