झारखंड ग्रुप ऑफ माइंस में सेफ्टी प्रैक्टिस पर परफॉर्मेंस इम्प्रूवमेंट वर्कशॉप आयोजित

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Jamshedpur : Steel Authority of India Limited (सेल) के Jharkhand Group of Mines (JGOM) में सुरक्षा संस्कृति को और मजबूत बनाने तथा खनन कार्यों में सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 13 मार्च 2026 को किरीबुरू स्थित Kiriburu के लर्निंग एंड डेवलपमेंट सेंटर (L&DC) में सेफ्टी प्रैक्टिस पर परफॉर्मेंस इम्प्रूवमेंट वर्कशॉप (PIW) का आयोजन किया गया।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य खदानों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और कार्यप्रणाली में सुधार के माध्यम से दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम करना था। कार्यक्रम का उद्घाटन Jharkhand Group of Mines के महाप्रबंधक (ई एंड एल) एवं नोडल सेफ्टी ऑफिसर Manoj Kumar की उपस्थिति में हुआ।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि खनन कार्य अत्यंत जोखिमपूर्ण होता है, इसलिए हर स्तर पर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन अनिवार्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए केवल नियम बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका प्रभावी पालन भी उतना ही आवश्यक है। निरंतर प्रशिक्षण, सतर्कता और टीम वर्क से ही सुरक्षित कार्य वातावरण तैयार किया जा सकता है।

कार्यशाला के दौरान डिप्टी जनरल मैनेजर (एचआर–एलएंडडी) Rathin Biswas ने हाल के समय में हुई दुर्घटनाओं से जुड़े केस स्टडी प्रस्तुत करते हुए उनके कारणों और रोकथाम के उपायों पर विस्तृत जानकारी दी। वहीं Meghahatuburu Iron Ore Mine (एमआईओएम) के सेफ्टी ऑफिसर Manas Ranjan Raut ने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसका पालन सुरक्षित खनन के लिए बेहद आवश्यक है।

इस अवसर पर एचआर–एलएंडडी के सहायक प्रबंधक एवं एवीटीओ Asanda Srikant के नेतृत्व में दुर्घटना विश्लेषण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग पर समूह चर्चा भी आयोजित की गई।

कार्यशाला में Kiriburu, Meghahatuburu, Gua और Manoharpur की खदानों से कुल 44 अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया तथा सुरक्षित कार्य संस्कृति को मजबूत बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।

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