नान्दुप माँगे पर्व पर खेल–संस्कृति का संगम, विधायक संजीव सरदार ने खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला

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Potka:आदिवासी संस्कृति, खेल भावना और सामाजिक एकता का जीवंत उदाहरण रविवार को नान्दुप पंचायत में देखने को मिला, जब नान्दुप माँगे पर्व के अवसर पर 37वां वार्षिक सांस्कृतिक एवं खेलकूद कार्यक्रम भव्य रूप से आयोजित किया गया। इस आयोजन का नेतृत्व आदिवासी मिलन संघ नान्दुप ने किया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा, खिलाड़ी और समाज के प्रबुद्ध लोग शामिल हुए।

मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे विधायक संजीव सरदार
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पोटका विधायक संजीव सरदार रहे। उन्होंने खिलाड़ियों और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल और संस्कृति समाज को जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। ऐसे आयोजन युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित करते हैं, साथ ही आदिवासी परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य भी करते हैं।

खेल प्रतियोगिताओं में दिखा जबरदस्त उत्साह
खेल प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया।
पुरुष फुटबॉल में प्रथम स्थान पीपी स्पोर्ट्स मतलाडीह और द्वितीय स्थान एचडी स्पोर्टिंग ने प्राप्त किया।
पुरुष 40+ वर्ग में प्रथम एएमएस नान्दुप, द्वितीय नरवापहाड़ एफसी और तृतीय कुदादा एफसी रही।
महिला फुटबॉल में प्रथम स्थान कुदादा एफसी और द्वितीय स्थान एनएसएस जमशेदपुर ने हासिल किया।

विजेताओं को किया गया सम्मानित
मुख्य अतिथि संजीव सरदार ने प्रतियोगिता में सफल खिलाड़ियों और टीमों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक माँगे नाच और बूढ़ी गाड़ी नाच की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से आदिवासी संस्कृति, परंपरा और सामूहिक एकता का सुंदर संदेश दिया गया।

गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में झामुमो नेता बहादुर किस्कु, ग्राम प्रधान कन्हाई गुइया सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिन्होंने आयोजन की सराहना की।
नान्दुप माँगे पर्व के इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि जब खेल और संस्कृति एक मंच पर आते हैं, तो समाज में एकता, उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता

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