जनप्रतिनिधि की गिरफ्तारी पर आजसू का आक्रोश, कहा – पुलिसिया दुर्व्यवहार लोकतंत्र की हत्या के समान

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जमशेदपुर , झारखंड – जिले के प्रमुख जनप्रतिनिधि और जिला परिषद सदस्य कर्ण सिंह की गिरफ्तारी को लेकर आजसू पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के जिला अध्यक्ष कन्हैया सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इसे “लोकतंत्र की हत्या” बताया है और पुलिस प्रशासन पर सत्ता पक्ष के दबाव में काम करने का गंभीर आरोप लगाया है।

कन्हैया सिंह ने कहा कि कर्ण सिंह घाटशिला क्षेत्र के एक लोकप्रिय, सामाजिक और जनसेवा में समर्पित नेता हैं, जो हर वक्त आम लोगों के दुख-दर्द में शामिल रहते हैं। ऐसे जनप्रतिनिधि को बिना किसी ठोस जांच के, एकतरफा और नाटकीय ढंग से गिरफ्तार करना और उनके सहयोगी समेत जेल भेज देना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रणाली पर सीधा प्रहार है।उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस का यह रवैया यह दर्शाता है कि अब वह सत्ताधारी दल के नेताओं के इशारे पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पुलिस का दायित्व निष्पक्षता और न्याय पर आधारित होना चाहिए, लेकिन घाटशिला मामले में ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला।

सत्ता की चापलूसी में निर्दोष प्रतिनिधियों को बना रहे निशाना

आजसू अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि कुछ पुलिस अधिकारी सत्ता की चापलूसी में जनप्रतिनिधियों को निशाना बना रहे हैं। “सत्ता आती-जाती रहती है, लेकिन अगर पुलिस अधिकारी तटस्थ न रहते हुए राजनीतिक स्वार्थ के लिए काम करेंगे तो यह लोकतंत्र के लिए घातक है,” उन्होंने कहा।

‘कर्ण सिंह को रिहा करें, नहीं तो आजसू लेगी बड़ा कदम’

प्रेस विज्ञप्ति में यह भी दावा किया गया कि घटना के दोनों पक्ष समझौता करने को तैयार थे, लेकिन पुलिस ने ‘निजी खुन्नस’ में आकर कर्ण सिंह को जेल भेजने की जल्दबाजी की। साथ ही, शिकायतकर्ता से जबरन न्यायालय में 164 का बयान दिलवाया गया, जिसे पार्टी ने गंभीर चिंता का विषय बताया है।

आजसू पार्टी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर कर्ण सिंह को शीघ्र रिहा नहीं किया गया, तो पार्टी इस मुद्दे को लेकर जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक आंदोलन करेगी। पार्टी इस मामले को “लोकतंत्र बनाम सत्ता के दुरुपयोग” के रूप में देख रही है।

एसएसपी से हस्तक्षेप की मांग

कन्हैया सिंह ने जिले के वरीय पुलिस अधीक्षक से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर न्यायपूर्ण कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि एक सामाजिक कार्यकर्ता और लोकप्रिय जनप्रतिनिधि को ऐसे झूठे मामले में फंसाना क्षेत्र के लिए शर्मनाक अध्याय होगा।