सालगाझुरी रेलवे स्टेशन पर लोकल ट्रेनों के ठहराव बंद होने के विरोध में सांकेतिक धरना

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Jamshedpur : पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत संयुक्त ग्राम समन्वय समिति, जमशेदपुर के बैनर तले सालगाझुरी रेलवे स्टेशन पर लोकल ट्रेनों का ठहराव बंद किए जाने के विरोध में शांतिपूर्ण सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया गया। धरना के बाद स्टेशन मास्टर सालगाझुरी के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
धरना के दौरान समिति ने चेतावनी दी कि यदि एक माह के भीतर लोकल ट्रेनों का ठहराव पुनः चालू नहीं किया गया, तो जीएम कार्यालय कोलकाता का घेराव किया जाएगा और आंदोलन को दिल्ली तक विस्तार दिया जाएगा।

प्रमुख मांगें
ज्ञापन में निम्नलिखित मांगें रखी गईं—

सालगाझुरी रेलवे स्टेशन पर पूर्व की भांति सभी लोकल ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित किया जाए।

स्टेशन के समीप निर्माणाधीन अंडर ब्रिज को शीघ्र पूर्ण कर आम जनता के लिए खोला जाए।

यात्रियों की सुविधा हेतु टिकट बुकिंग काउंटर तत्काल शुरू किया जाए।
स्टेशन पर प्लेटफार्म का निर्माण कराया जाए।

यात्रियों के लिए संसाधनयुक्त विश्राम शेड का निर्माण किया जाए।

सालगाझुरी से गोविंदपुर रेलवे स्टेशन तक पहुंच पथ का निर्माण कराया जाए।

बारीगोड़ा रेलवे फाटक के पास ओवरब्रिज का निर्माण शीघ्र कराया जाए।
तीन लाख आबादी प्रभावित

वक्ताओं ने बताया कि सालगाझुरी रेलवे स्टेशन का ऑनलाइन उद्घाटन 26 फरवरी 2024 को किया गया था। यह क्षेत्र लगभग तीन लाख की आबादी वाला है, जहां से दिहाड़ी मजदूर, सब्जी व्यवसायी, पत्ता-दतुवन बेचने वाले गरीब तबके सहित हजारों यात्री रोजाना आवागमन करते हैं। इसके बावजूद अक्टूबर 2025 से अप और डाउन लाइन की सभी लोकल ट्रेनों का ठहराव बंद कर दिया गया है, जिससे क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इस संदर्भ में 25 नवंबर 2025 को चक्रधरपुर मंडल रेल प्रबंधक (DRM) को पत्र सौंपा गया था, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के कारण आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

नेताओं ने दी आंदोलन की चेतावनी

धरना को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री दुलाल भुइयां ने कहा कि यदि ट्रेनों का ठहराव बहाल नहीं हुआ तो आंदोलन को कोलकाता से दिल्ली तक ले जाया जाएगा।

बीजेपी नेता रमेश हांसदा ने कहा कि रेल प्रशासन की मनमानी से गरीबों का हक छीना जा रहा है।

सीपीआई नेता अनुज ठाकुर ने हर स्तर पर आंदोलन के साथ खड़े रहने की घोषणा की।

झामुमो नेता दुबराज नाग ने इसे आदिवासी बहुल क्षेत्र के साथ अन्याय बताया।

समाजसेवी बलदेव भुइयां ने सवाल उठाया कि 14 करोड़ की लागत से बने स्टेशन भवन की जवाबदेही कौन लेगा।

कांग्रेस नेता रामाकांत करूआ ने जनप्रतिनिधियों से एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की।


धरना की अध्यक्षता समिति के मुख्य संयोजक राम सिंह मुंडा ने की। उन्होंने कहा कि यदि रेल प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई तो रेल रोको/रेल टेका आंदोलन भी किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन पी.के. करूआ और बबलू करूआ ने संयुक्त रूप से किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन तुलसी महतो ने किया। धरना को सफल बनाने में जिला परिषद सदस्य कुसुम पूर्ति, आजसू नेता संजय मालाकार, बीजेपी नेता रमेश बास्के, संजय सिंह, जेएलकेएम नेता विनोद, महिला मोर्चा अध्यक्ष नीलू मछुआ, सौरभ राहुल सिंह, अजय सिंह सहित सैकड़ों महिला-पुरुषों, समाजसेवियों और स्थानीय ग्रामीणों की भागीदारी रही।

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