सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं ने जलाया आतंकवाद का पुतला, उठी आर‑पार की कार्रवाई की मांग
Jamshedpur : जम्मू‑कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए नृशंस आतंकी हमले ने देश को दहला दिया। 27 निर्दोष पर्यटकों की बेरहमी से हत्या ने न सिर्फ़ आतंकवाद की दरिंदगी उजागर की, बल्कि पाकिस्तान‑प्रायोजित आतंकी तंत्र का घिनौना चेहरा भी जगजाहिर कर दिया। हादसे के 24 घंटे के भीतर ही लौहनगरी जमशेदपुर का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा।
पुतला लेकर सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता
बुधवार को भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष सुधांशु ओझा की अगुआई में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने साकची जिला कार्यालय से जुबिली पार्क गोलचक्कर तक पैदल मार्च किया। हाथों में आतंकवाद का पुतला, मुखर नारों—“आतंकवाद मुर्दाबाद”, “पाकिस्तान मुर्दाबाद”—और तिरंगा लहराते कार्यकर्ताओं ने शहर की फिज़ा में जनाक्रोश घोल दिया।
जुबिली पार्क पर पुतला दहन
नाकों‑चौराहों से गुजरते काफ़िले ने जैसे ही जुबिली पार्क गोलचक्कर पहुंचा, आतंकवाद के प्रतीक पुतले को आग के हवाले किया गया। जलते पुतले के धुएँ के बीच कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से पाकिस्तान और उसके पाले आतंकी संगठनों के खिलाफ निर्णायक सैन्य कार्रवाई की माँग उठाई।
“अब खामोशी नहीं, आर‑पार की जंग”
मीडिया से बातचीत में सुधांशु ओझा ने कहा, “धर्म पूछ‑पूछ कर मासूम पर्यटकों को मारना आतंकियों की कायरता और नपुंसकता का सबूत है। यह भारत की अस्मिता पर सीधी चोट है—अब चुप्पी नहीं, आर‑पार की जंग समय की माँग है।”
दो मिनट का मौन, फिर हुंकार
प्रदर्शन से पहले जिला कार्यालय में दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। ओझा ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा, “पूरा देश उनके दुःख में साझेदार है। आतंक का अंत निकट है।”
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आमजन जुटे
प्रदर्शन में मनोज कुमार सिंह, जटाशंकर पांडेय, डॉ राजीव समेत सैकड़ों कार्यकर्ता तथा स्थानीय नागरिक शामिल हुए। सबने एक स्वर में ऐलान किया—“देश इस कायराना हरकत को भूलने नहीं देगा; आतंकवादियों और उनके सरपरस्तों को मुँहतोड़ जवाब मिलेगा।”
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