Jamshedpur:राज्य में दाखिल-खारिज (नामांतरण) की ऑनलाइन प्रक्रिया बाधित होने का मामला शुक्रवार को विधानसभा में गूंज उठा। पोटका से विधायक संजीव सरदार ने शून्यकाल के दौरान इस गंभीर समस्या को उठाते हुए सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया।
उन्होंने सदन में कहा कि पिछले लगभग तीन महीनों से नामांतरण से संबंधित आवेदन प्रज्ञा केंद्रों एवं आम आवेदकों द्वारा ऑनलाइन दर्ज नहीं हो पा रहे हैं। तकनीकी बाधाओं के कारण बड़ी संख्या में आवेदन लंबित हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लंबित नामांतरण से बढ़ी परेशानी
विधायक ने बताया कि पूर्व में संपन्न खरीद-बिक्री के मामलों में नामांतरण लंबित रहने के कारण नई ऑनलाइन प्रविष्टि संभव नहीं हो पा रही है। इससे जमीन से जुड़े कानूनी एवं प्रशासनिक कार्य अटक गए हैं। आम लोगों को बैंक ऋण, जमीन की रजिस्ट्री, सरकारी योजनाओं और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि यह समस्या केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के विभिन्न जिलों में व्यापक रूप से नागरिक प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में इस मुद्दे को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाना चाहिए।
सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग
संजीव सरदार ने सरकार से मांग की कि नामांतरण की ऑनलाइन व्यवस्था को अविलंब सुचारू किया जाए तथा लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्था आम जनता की सुविधा के लिए बनाई गई है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए।
सदन में उठे इस मुद्दे के बाद अब सरकार की ओर से त्वरित पहल की उम्मीद जताई जा रही है, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके।








