Manoharpur:कोयना वन क्षेत्र अंतर्गत मनोहरपुर प्रखंड के गिंडुग रेडादिरी टोला में देर रात जंगली हाथी के हमले ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की भयावह तस्वीर सामने रख दी। बुधवार रात करीब 10:30 बजे एक दंतेले हाथी के हमले में 48 वर्षीय ग्रामीण लक्ष्मण बिंरगम की दर्दनाक मौत हो गई।
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, लक्ष्मण बिंरगम अपने घर के बाहर खाना बना रहा था। तभी अचानक जंगल से भटककर एक दंतेला हाथी गांव में घुस आया और उसके घर पर हमला कर दिया। हाथी को देखते ही लक्ष्मण जान बचाने के लिए घर के पीछे की ओर भागा और जोर-जोर से मदद की गुहार लगाई, लेकिन दुर्भाग्यवश वह बच नहीं सका। हाथी ने उसे अपनी सूंड़ से पकड़कर घर के बाहर घसीट लिया और पटक-पटक कर कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
घटना के वक्त मृतक घर में अकेला था। उसकी पत्नी मायके गई हुई थी। सुबह जब छोटे भाई सुखराम बिंरगम को घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने आजसू नेता शंकर मुंडारी को सूचित किया। इसके बाद वन विभाग को मामले से अवगत कराया गया।
सूचना मिलते ही वन विभाग के वनरक्षी अभय कुमार मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। वहीं, मनोहरपुर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल भेज दिया।
हाथी के हमले के बाद गिंडुग सहित आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल से सटे इलाकों में हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, लेकिन सुरक्षा के ठोस इंतजाम नहीं हैं। लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से हाथियों को गांव में प्रवेश से रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
फिलहाल प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीम आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।









