Jamshedpur:लोयोला स्कूल, जमशेदपुर के जूनियर सेक्शन में गुरुवार को आयोजित नाट्य–महोत्सव ‘ए सम ऑफ ऑल टेल्स’ केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि कल्पना, संवेदना और वैश्विक मूल्यों की रंगीन यात्रा बन गया। जैसे ही मंच पर रोशनी जली, नर्सरी से कक्षा पाँच तक के नन्हे कलाकारों ने दर्शकों को परीकथाओं की उस दुनिया में ले गया, जहाँ सीमाएँ नहीं—सिर्फ कहानियाँ बोलती हैं।
चार कालजयी कथाएँ—‘द एम्परर्स न्यू क्लोथ्स’, ‘पुस-इन-बूट्स’, ‘स्लीपिंग ब्यूटी’ और ‘हैंसल एंड ग्रेटल’—को अलग-अलग भौगोलिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमियों में मंचित किया गया। हर प्रस्तुति में बच्चों का आत्मविश्वास, भाव-भंगिमा और संवाद अदायगी यह बताने के लिए पर्याप्त थी कि मंच उनके लिए सिर्फ अभ्यास नहीं, एक अनुभव है।
संगीत, नृत्य और रंगीन परिधान
अभिनय के साथ-साथ गीत-संगीत और नृत्य की सधी हुई प्रस्तुति ने माहौल को जीवंत बना दिया। रंग-बिरंगे परिधान और सटीक मंच सज्जा ने दर्शकों को बार-बार तालियाँ बजाने पर मजबूर किया। बच्चों ने अभिनेता, सूत्रधार, गायक और नर्तक—हर भूमिका में अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया।
मुख्य अतिथि का प्रेरक संदेश
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विधायक पूर्णिमा साहू ने बच्चों, शिक्षिकाओं और स्कूल प्रबंधन को बधाई देते हुए इसे “सिर्फ वार्षिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक वर्षी उत्सव” बताया। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को समय और मार्गदर्शन दें, ताकि उनकी प्रतिभा सही दिशा में निखर सके।
विद्यालय प्रबंधन की सहभागिता
विद्यालय के प्रधानाचार्य फादर विनोद फर्नांडीस ने अपने संबोधन में कला को समग्र शिक्षा का आधार बताया। वहीं, जूनियर सेक्शन की उप-प्रधानाचार्या श्रीमती विनीता एफ. एक्का ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। समारोह का समापन राष्ट्रगान के सामूहिक गायन के साथ हुआ, जिसने पूरे वातावरण को भावुक और गौरवपूर्ण बना दिया।
इस अवसर पर विद्यालय के रेक्टर फादर माइकल, फादर जेरी, उपराचार्य जयंती शेषाद्रि सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर, यह नाट्य–महोत्सव लोयोला स्कूल की प्रतिभा पोषण, सांस्कृतिक उत्कृष्टता और मूल्य-आधारित शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का सजीव उदाहरण बनकर उभरा।









