Jamshedpur : कुष्ठ रोग खोज अभियान 2025 के तहत राज्य कुष्ठ निवारण पदाधिकारी डॉ. अनिल कुमार की अध्यक्षता में दो दिवसीय प्रशिक्षण सह समीक्षात्मक बैठक का आयोजन आईपीएच सभागार, नामकुम (रांची) में संपन्न हुआ। इस प्रशिक्षण में राज्य के सभी जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी, चिकित्सा पदाधिकारी, जिला कुष्ठ परामर्शी, फिजियोथेरेपिस्ट एवं पीएमडब्ल्यू शामिल हुए।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि “कुष्ठ रोग को वर्ष 2027 तक झारखंड से पूरी तरह समाप्त करना हमारा लक्ष्य है।” उन्होंने सभी जिलों से अभियान को प्रभावी ढंग से चलाने के निर्देश दिए।
प्रशिक्षण के दौरान डॉ. वी. संताराम, डॉ. शिवकुमार, डॉ. रश्मि शुक्ला, डॉ. किरण अखाड़े एवं डॉ. गौतम ने प्रतिभागियों को कुष्ठ रोग के लक्षण, एमडीटी की नई उपचार पद्धति, रिएक्शन मैनेजमेंट, डीपीएमआर और सेल्फ केयर पर विस्तृत जानकारी दी।
कुष्ठ रोग खोज अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए सहिया, पुरुष स्वयंसेवक, सुपरवाइजर, विद्यालयों के एक पुरुष शिक्षक एवं एक महिला शिक्षिका के साथ-साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
पूर्वी सिंहभूम जिला कुष्ठ परामर्शी डॉ. राजीव लोचन महतो ने बताया कि “यह अभियान जिले में 10 नवंबर से 26 नवंबर तक चलाया जाएगा।” इसके तहत 2289 खोजी दल (जिसमें एक सहिया और एक पुरुष स्वयंसेवक शामिल होंगे) और 320 सुपरवाइजर घर-घर जाकर संदेहास्पद कुष्ठ मरीजों की पहचान करेंगे तथा उन्हें निःशुल्क जांच एवं उपचार हेतु नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में भेजेंगे।









