Jamshedpur:पूर्वी सिंहभूम के सिविल सर्जन कार्यालय और सासाकावा-इंडिया लेप्रोसी फाउंडेशन (S-ILF) की ओर से रविवार को शहर में कुष्ठ रोग जागरूकता बाइक रैली का भव्य आयोजन किया गया। रैली का मूल उद्देश्य लोगों को यह संदेश देना था कि कुष्ठ रोग पूरी तरह से इलाज योग्य है, और इससे जुड़े मिथक, भय तथा भेदभाव को समाज से जड़ से समाप्त करना बेहद जरूरी है।
बाराद्वारी से हुई शुरूआत, शहर के मुख्य मार्गों से निकली रैली
सुबह 9:00 बजे बाराद्वारी स्थित पीपुल्स एकेडमी से सैकड़ों राइडर्स ने हेलमेट पहनकर अनुशासनपूर्वक रैली की शुरुआत की। रैली गोलमुरी, साकची, बिष्टुपुर, पीजेपी मॉल, स्टेट माइल रोड, जुबिली पार्क और गांधी आश्रम होते हुए आगे बढ़ी और शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हुई।
कई दिग्गज हस्तियों की उपस्थिति ने बढ़ाया कार्यक्रम का महत्व
रैली में प्रमुख रूप से उपस्थित थे—
श्री गौरव सिंह, CEO, S-ILF
डॉ. राजीव लोचन महतो, जिला कुष्ठ परामर्शी
श्री सैमुअल हांसदा, S-ILF बिहार–झारखंड राज्य कोऑर्डिनेटर
श्री जवाहर राम पासवान, उपाध्यक्ष, APAL India
श्री मोहम्मद जैनुद्दीन, APAL स्टेट लीडर
श्री मधुसूदन तिवारी, झारखंड लीडर, APAL India
इसके अलावा RKMC जमशेदपुर की बाइक राइडर कमेटी, जोड़ी राइडर्स जमशेदपुर और विभिन्न कुष्ठ आश्रमों के कई गणमान्य लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।
S-ILF के CEO का संदेश — ‘इलाज संभव, भेदभाव अस्वीकार्य’
अपने संबोधन में S-ILF के CEO श्री गौरव सेन ने बताया कि उनकी संस्था वर्तमान में देशभर के 21 राज्यों में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।
संस्था द्वारा चलाए जा रहे प्रमुख कार्यक्रमों में शामिल हैं—
आजीविका (Livelihood) कार्यक्रम
छात्रवृत्ति योजना
कुष्ठ प्रभावित व्यक्तियों के लिए ड्रेसिंग किट वितरण
स्वास्थ्य एवं सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम
उन्होंने कहा कि इन पहलों का लक्ष्य कुष्ठ प्रभावित परिवारों को सशक्त बनाना और उन्हें सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है।
राइडर्स ने दिया जागरूकता का संदेश
रैली में शामिल सभी राइडर्स ने शहरवासियों से अपील की—
कुष्ठ रोग से जुड़ी गलत धारणाओं को त्यागें
यह बीमारी पूरी तरह से इलाज योग्य है
कुष्ठ प्रभावित लोगों के प्रति सम्मान और संवेदना रखें
समय पर जांच और उपचार बेहद प्रभावी है
नियम पालन के साथ रैली का सफल समापन
पूरी यात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने हेलमेट का उपयोग और ट्रैफिक नियमों का पालन करते हुए समाज के प्रति जिम्मेदारी का उदाहरण प्रस्तुत किया। रैली उत्साह, जागरूकता और सकारात्मक सामाजिक संदेशों के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुई।









