Jamshedpur:कोल्हान विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए यह किसी बड़ी राहत से कम नहीं है। अब प्रमाण पत्र के लिए विश्वविद्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वर्ष 2013 से 2024 तक उत्तीर्ण सभी विद्यार्थियों के प्रमाण पत्र डिजिलॉकर पर अपलोड कर दिए गए हैं। इससे नौकरीपेशा, शहर से बाहर रह रहे या समयाभाव से जूझ रहे विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।
कुलपति प्रो. डॉ. अंजिला गुप्ता के स्पष्ट निर्देश और सतत निगरानी में विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग ने यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. रिंकी डोराई के नेतृत्व में उनकी टीम ने एक ऐसे कार्य को संभव कर दिखाया, जिसे अब तक असंभव माना जा रहा था।
विश्वविद्यालय के विविध महाविद्यालयों से पढ़ाई पूर्ण कर चुके विद्यार्थियों के कुल 2,16,000 प्रमाण पत्र डिजिटल रूप से डिजिलॉकर पर सुरक्षित कर दिए गए हैं। अब विद्यार्थी अपने आधार नंबर के माध्यम से डिजिलॉकर में लॉगिन कर कहीं से भी, कभी भी अपना प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। इससे शैक्षणिक या रोजगार से जुड़ा कोई भी कार्य प्रमाण पत्र के अभाव में बाधित नहीं होगा।
उल्लेखनीय है कि कोल्हान विश्वविद्यालय में नामांकन, परीक्षा फॉर्म, निबंधन जैसी प्रक्रियाएं पहले ही ऑनलाइन हो चुकी थीं, लेकिन प्रमाण पत्रों के डिजिटाइजेशन के बिना विद्यार्थियों को पूर्ण लाभ नहीं मिल पा रहा था। अब यह कमी भी दूर हो गई है।
हालांकि, जिन विद्यार्थियों को हार्ड कॉपी की आवश्यकता होगी, वे पूर्व की भांति अपने संबंधित महाविद्यालय से प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकेंगे।
इस महत्वपूर्ण जानकारी की पुष्टि विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. ए. के. झा ने की है।
यह पहल न केवल प्रशासनिक सुगमता का उदाहरण है, बल्कि डिजिटल इंडिया की दिशा में कोल्हान विश्वविद्यालय का एक ठोस और सराहनीय कदम भी है।









