Saraikela : सरायकेला जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां कल्याण विभाग के लिपिक प्रेम कुमार चौधरी ने अपने गेस्ट हाउस स्थित आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हाल के महीनों में वह नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लाख से अधिक की ठगी के आरोप में विवादों में घिरे हुए थे।
मिली जानकारी के अनुसार, आत्महत्या की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर सरायकेला सदर अस्पताल भेजा गया, जहां पोस्टमार्टम के लिए शव को सुरक्षित रखा गया है। पुलिस को मौके पर एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें चौधरी ने आत्महत्या के पीछे के कारणों का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है।
बताया जा रहा है कि प्रेम कुमार चौधरी ने कुछ माह पूर्व कई युवक-युवतियों से नौकरी दिलाने के नाम पर मोटी रकम वसूली थी, जो लगभग 10 लाख रुपये से अधिक थी। जब पीड़ितों ने थाना में मामला दर्ज कराने की तैयारी की, तो उन्होंने सभी को पैसा लौटाने का वादा किया। हालांकि, यह मामला फिर ठंडे बस्ते में चला गया, लेकिन चौधरी मानसिक तनाव में रहने लगे थे।
प्रेम चौधरी अपनी रंगीन मिजाजी और विवादित व्यवहार को लेकर भी कार्यालय में अक्सर चर्चा में रहते थे। बताया जाता है कि वह बिहार के समस्तीपुर जिले के मूल निवासी थे। परिजनों को सूचना दे दी गई है, जिनके सरायकेला पहुंचने में समय लगेगा। तब तक शव को शीतगृह में सुरक्षित रखा गया है।
पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। सुसाइड नोट को जब्त कर आत्महत्या के पीछे की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। ठगी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहराई से पड़ताल की जा रही है।









