Ranchi : आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने बड़ा राजनीतिक फैसला लिया है। पार्टी महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने घोषणा की कि JMM इस बार गठबंधन से अलग होकर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी।
भट्टाचार्य ने बताया कि पार्टी बिहार की 6 विधानसभा सीटों — चकई, धमगाहा, मोहनी, कटोरिया, जमुई और मनिहारी — पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। उन्होंने कहा कि पहले JMM ने महागठबंधन के सहयोगी दलों, विशेषकर राजद और कांग्रेस, के साथ सम्मानजनक समन्वय की कोशिश की थी, लेकिन अब पार्टी अपने संगठन के दम पर मैदान में उतरेगी।
भट्टाचार्य ने कहा कि 2019 में झारखंड में JMM ने राजद और कांग्रेस को समर्थन दिया और मंत्री पद भी दिए। 2024 में भी सम्मानपूर्वक सीटें दी गईं, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में अब JMM बिहार में स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का निर्णय ले रही है।
पार्टी ने अपने स्टार प्रचारकों की सूची भी जारी की है, जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कल्पना सोरेन, स्टीफन मरांडी, दीपक बिरुवा, मिथलेश ठाकुर, विजय हांसदा, हेमलाल मुर्मू, मोहम्मद ताजुद्दीन, उदय शंकर सिंह और सुंदिव्य कुमार सोनू शामिल हैं।
भट्टाचार्य ने संकेत दिया कि यदि परिस्थिति अनुकूल रही तो JMM 10 सीटों तक अपने प्रत्याशी उतार सकती है। उन्होंने कहा कि बिहार की सियासी जंग अब “बहुमुखी लड़ाई” बन चुकी है, जहां NDA और महागठबंधन दोनों के भीतर विरोधाभास और आंतरिक टकराव हैं।
उन्होंने कहा हमारे उम्मीदवार मजबूती से चुनाव लड़ेंगे और पार्टी को प्रचंड बहुमत से जीत दिलाकर राष्ट्रीय पहचान दिलाएंगे। हमने बिहार से झारखंड अलग राज्य बनाया। अब बिहार के दलित, आदिवासी और वंचित समाज गुरुजी (शिबू सोरेन) के विचारों से जुड़ चुके हैं। ये लड़ाई अब सम्मान और स्वाभिमान की है।
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि JMM का यह फैसला बिहार चुनाव की सियासी गतिशीलता को और पेचीदा बना सकता है और मतदाताओं की रणनीतियों में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है।









