Seraikela:जगन्नाथपुर प्रखंड अंतर्गत जिन्तुगाड़ा गांव में पारंपरिक मागे बासी जतरा पर्व हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान और आस्था के इस प्रमुख पर्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर सामुदायिक एकता का परिचय दिया।
ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज से पूरा गांव गुंजायमान रहा। पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवक-युवतियां और बुजुर्ग सामूहिक नृत्य में झूमते नजर आए।
कार्यक्रम में जगन्नाथपुर विधायक सोनाराम सिंकु पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। उन्होंने दुरलीपी स्थित अपने आवास परिसर में ग्रामीणों के साथ पारंपरिक नृत्य कर उत्सव की शोभा बढ़ाई।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में नमन विक्सल कोंगाड़ी (कोलेबिरा विधायक) और राजेश कच्छप (खिजरी विधायक) भी मौजूद रहे। विधायक सोनाराम सिंकु ने धर्मपत्नी किशमिश सिंकु और तुलसी सिंकु के साथ अतिथियों का पारंपरिक रीति-रिवाज से स्वागत किया।
पूजा-अर्चना और विकास की कामना
पर्व के दौरान सभी जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि और विकास की कामना की।
आयोजन में प्रशासनिक अधिकारियों की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। एलआरडीसी अनीता केरकेट्टा, एसडीपीओ रफाएल मुर्मू, सदर एसडीपीओ चाईबासा बहमन टूटी तथा जगन्नाथपुर प्रभारी टिंकू कुमार दास सहित कई अधिकारी शामिल हुए।
ग्रामीणों ने कहा कि मागे बासी जतरा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है।
जिन्तुगाड़ा में आयोजित यह पर्व एक बार फिर आदिवासी संस्कृति की जीवंतता और सामूहिक सौहार्द का संदेश दे गया।









