4 जून को झारखंड बंद का एलान, सूर्य सिंह बेसरा ने किया समर्थन

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आदिवासी मुद्दों को लेकर झारखंड पीपुल्स पार्टी और आदिवासी संगठनों का सरकार पर तीखा हमला

जमशेदपुर, 2 जून — झारखंड में आदिवासी समुदाय की ज्वलंत मांगों और धार्मिक स्थलों की रक्षा को लेकर आंदोलन तेज़ होता जा रहा है। इस कड़ी में आदिवासी बचाओ मोर्चा द्वारा बुलाए गए 4 जून को संपूर्ण झारखंड बंद को झारखंड पीपुल्स पार्टी (जेपीपी) ने अपना समर्थन देने का एलान किया है। पार्टी के प्रमुख और पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा ने रविवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस बंद का पुरज़ोर समर्थन किया और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

“झारखंड सरकार आदिवासी विरोधी” — सूर्य सिंह बेसरा

सूर्य सिंह बेसरा ने आरोप लगाया कि वर्तमान हेमंत सोरेन सरकार ने सत्ता में आने से पहले बार-बार आदिवासी और मूलवासी हितों की रक्षा का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद उसने अपने ही वादों से मुंह मोड़ लिया। उन्होंने कहा,

“सरकार का तानाशाही रवैया आदिवासी विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। बार-बार आंदोलन होने के बावजूद सरकार संवेदनशील मुद्दों पर मौन है।”

धार्मिक स्थलों के संरक्षण को लेकर नाराज़गी

बेसरा ने सिरम टोली, लालपनिया (बोकारो) स्थित लुगू बुरु घंटा बाड़ी और पारसनाथ (गिरिडीह) स्थित मारांग बुरु जैसे आदिवासी धार्मिक स्थलों के अस्तित्व और संरक्षण को लेकर राज्य सरकार की अनदेखी की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह सरकार आदिवासियों की भावनाओं और धार्मिक आस्थाओं के साथ विश्वासघात कर रही है।

पेसा कानून और नीतियों पर भी सवाल

जेपीपी प्रमुख ने कहा कि झारखंड सरकार पेसा कानूनस्थानीय नीतिनियोजन नीति और आरक्षण नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने में पूरी तरह असफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी समुदाय की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी नीतियों को लेकर सरकार की उदासीनता साफ तौर पर झलकती है।

जनता से बंद में सहयोग की अपील

बेसरा ने राज्य की जनता, खासकर आदिवासी समुदाय से अपील की कि वे 4 जून के झारखंड बंद को सफल बनाने के लिए सड़कों पर उतरेंधरना-प्रदर्शन करें, और सरकार को यह संदेश दें कि आदिवासियों के हितों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

आंदोलन को मिल रहा व्यापक समर्थन

आदिवासी बचाओ मोर्चा और झारखंड पीपुल्स पार्टी के अलावा राज्य के विभिन्न सामाजिक संगठनों और युवाओं में इस आंदोलन को लेकर समर्थन की लहर दिख रही है। झारखंड के कई ज़िलों में बंद की तैयारी जोरों पर है और आगामी दिनों में इसके व्यापक असर की उम्मीद जताई जा रही है।