Jamshedpur:जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने नदियों के संरक्षण को समय की सबसे बड़ी जरूरत बताते हुए कहा कि यदि अब भी नदियों को बचाने के लिए ठोस प्रयास नहीं किए गए, तो आने वाली पीढ़ियों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि स्वर्णरेखा क्षेत्र विकास ट्रस्ट और युगांतर भारती ने इस जिम्मेदारी को समझते हुए नदी पूजन के माध्यम से समाज को संदेश दिया है—नदियों को गंदा न करें, प्रकृति खुद उन्हें साफ कर लेती है।
रविवार को दोमुहानी घाट (सोनारी) पर नदी पूजन के दौरान सरयू राय ने कहा कि हर मानसून में नदियां अपने आप शुद्ध होती हैं, लेकिन हम पहले उन्हें प्रदूषित करते हैं और फिर सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करते हैं। “जब गंदा ही नहीं करेंगे तो साफ करने की जरूरत क्यों पड़ेगी?”—यह सवाल उन्होंने उपस्थित जनसमूह के सामने रखा।
इससे पहले प्रकांड विद्वान विनोद पांडेय ने स्वर्णरेखा-खरकई संगम पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन संपन्न कराया। यजमान के रूप में सरयू राय और मानव केडिया शामिल रहे। शांति पाठ और संकल्प के साथ पूजन संपन्न हुआ, जिसमें घनश्याम मिश्रा ने सहयोग किया। कार्यक्रम में सामाजिक, राजनीतिक और नागरिक क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
21वें वर्ष में पांच घाटों पर आयोजन
स्वर्णरेखा महोत्सव के 21वें वर्ष में श्रद्धा और जनभागीदारी का दायरा और व्यापक दिखा। शहर के पांच प्रमुख घाटों—
दोमुहानी घाट (सोनारी)
गांधी घाट (मानगो/साकची)
भोजपुर घाट (बारीडीह)
पांडेय घाट (भुईंयाडीह)
बोधनवाला घाट (बिष्टुपुर)
पर एक साथ विधि-विधान से नदी पूजन हुआ। हर घाट पर बड़ी संख्या में लोग जुटे और नदियों को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया।
बिष्टुपुर के बोधनवाला घाट पर खरकई-स्वर्णरेखा संरक्षण समिति के तत्वावधान में पूजन हुआ। मुख्य अतिथि राजेश राजन (कॉरपोरेशन कम्युनिकेशन हेड, टाटा स्टील) रहे। विशिष्ट अतिथियों में मारुति पांडेय (भाजपा बिष्टुपुर मंडल अध्यक्ष), सुजीत साहू (विहिप गौरक्षा, झारखंड), गोपी राव, रत्नेश सिंह सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
पांडेय घाट, गांधी घाट और भोजपुर घाट पर भी पंडितों द्वारा वैदिक विधि से पूजन संपन्न हुआ। हर स्थान पर स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई और नदियों के संरक्षण का संदेश दिया।









