Jamshedpur:एमजीएम थाना क्षेत्र के गोकुल नगर निवासी 23 वर्षीय जीत महतो की मौत ने पुलिस कार्रवाई और हिरासत की प्रक्रिया पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महज 500 रुपये में खरीदे गए एक मोबाइल फोन ने उसकी जिंदगी छीन ली—हालांकि उसे यह तक जानकारी नहीं थी कि मोबाइल चोरी का है। अब चर्चा इस बात की है कि जीत की मौत बीमारी से हुई या इसके पीछे कोई दूसरा कारण छिपा है।
मोबाइल ट्रैकिंग से पुलिस तक पहुंचा मामला
मोबाइल चोरी की शिकायत के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच के तहत मोबाइल की ट्रैकिंग की, जिसमें लोकेशन जीत महतो के पास मिला। इसके आधार पर पुलिस टीम ने 28 दिसंबर को उसे हिरासत में लिया। परिजनों का कहना है कि जीत एक साधारण युवक था और उसे मोबाइल के चोरी का होने की कोई जानकारी नहीं थी।
हिरासत के बाद बिगड़ी तबीयत
हिरासत में लिए जाने के बाद जीत की तबीयत बिगड़ने लगी। 29 दिसंबर को उसे एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां लगातार तीन दिनों तक उसका इलाज चला। इलाज के दौरान ही 31 दिसंबर को उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने इलाज के दौरान किए गए तीन दिनों के टेस्ट की रिपोर्ट भी तैयार की है।
1 जनवरी को दर्ज हुआ यूडी केस
जीत की मौत के बाद परिवार के सदस्यों ने 1 जनवरी को यूडी केस (Unnatural Death) दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। हालांकि, इसके बाद परिजन थाने नहीं पहुंचे, जिससे मामले में रहस्य और गहरा गया है।
राष्ट्रपति ड्यूटी में थे थाना प्रभारी
घटना के समय एमजीएम थाना प्रभारी सचिन दास राष्ट्रपति की ड्यूटी पर तैनात थे। उन्होंने बताया कि 28 और 29 दिसंबर को वे स्टेशन के संकटा सिंह पेट्रोल पंप के पास राष्ट्रपति ड्यूटी में थे और 30 दिसंबर को सुबह 10–11 बजे के बीच थाना लौटे। उनके अनुसार, तब तक जीत को अस्पताल भेजा जा चुका था।
SI प्रदीप कुमार वर्मा थे प्रभार में
थाना प्रभारी की अनुपस्थिति में एसआई प्रदीप कुमार वर्मा थाना प्रभारी का प्रभार संभाल रहे थे। जीत की मौत के बाद 1 जनवरी को वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कराया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध नहीं हो सकी थी।
कई सवाल, जवाब का इंतजार
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या जीत महतो की मौत केवल बीमारी की वजह से हुई या हिरासत के दौरान कोई ऐसी परिस्थिति बनी जिसने उसकी जान ले ली? पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष ही इस पूरे घटनाक्रम से पर्दा उठा पाएंगे।









