Ichagarh: झारखंड राज्य गठन से पहले स्थापित ऐतिहासिक ईचागढ़ थाना अपनी ईमानदार छवि, अनुशासन और पुलिस-पब्लिक तालमेल के लिए जाना जाता रहा है। दशकों से यहां तैनात अधिकारी जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और मीडिया के साथ सौहार्दपूर्ण संबंधों के लिए पहचाने जाते रहे। लेकिन इसी साखदार थाना की छवि हाल के दिनों में उस समय धूमिल हो गई, जब तत्कालीन थाना प्रभारी विक्रमांदित्य पांडेय पर गंभीर आरोपों की बाढ़ आ गई।
अवैध वसूली, संरक्षण और बढ़ते दलालों का दबदबा—थाना में नई ‘सिस्टम’ की चर्चा
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि थाना प्रभारी रहे पांडेय ने बालू परिवहन कर रहे हाईवा चालकों से प्रति ट्रिप 8 हजार रुपये तक अवैध वसूली की। यह शिकायत सीधा जिले से लेकर डीजीपी तक पहुंची।
साथ ही, क्षेत्र में अवैध स्क्रैप कारोबार को संरक्षण देने के आरोप भी लगातार उठते रहे। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज थी कि कई दलाल अचानक सक्रिय हो गए और उनके तार कथित तौर पर थाना परिसर से जुड़ते दिखे।
राजनीतिक नेता की पिटाई का आरोप—ग्रामीणों में उबाल
विवाद तब और बढ़ गया, जब JLKM के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी तरुण महतो ने आरोप लगाया कि पुलिस कस्टडी में उन्हें गंभीर रूप से घायल किया गया। यह मामला गांव-गांव में आक्रोश का कारण बना और पुलिस-जनता संबंधों में तनाव और बढ़ गया।
गौ तस्करी की चर्चा ने आग में घी का काम किया
क्षेत्र में गौ तस्करी को लेकर भी पांडेय का नाम चर्चाओं में रहा। भले ही लिखित शिकायत नहीं मिली, मगर ग्रामीणों के बीच यह धारणा तेजी से फैली कि तस्करों को थाना से संरक्षण मिल रहा है।
एसपी मुकेश लूनायत की सख्ती—थाना प्रभारी लाइन हाजिर
लगातार बढ़ रही शिकायतों और ईचागढ़ थाना की पुरानी साख पर पड़ रहे गहरे दुष्प्रभाव को देखते हुए जिलाध्यक्ष पुलिस अधीक्षक मुकेश लूनायत ने निर्णायक कदम उठाते हुए विक्रमांदित्य पांडेय को तत्काल लाइन हाजिर कर दिया।
इस कार्रवाई ने क्षेत्र में राहत का माहौल पैदा किया और लोगों ने इसे “देरी से सही, पर सही फैसला” करार दिया।
बजरंग महतो को मिली कमान—भरोसा बहाल करने की बड़ी जिम्मेदारी
अब ईचागढ़ थाना की जिम्मेदारी बजरंग महतो को सौंपी गई है। उनके सामने सबसे कठिन कार्य है—
जनता का टूटा भरोसा वापस जीतनापुलिस-पब्लिक तालमेल को मजबूत करना
पारदर्शिता और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करना
विवादों से घिरे थाना परिसर की गरिमा बहाल करना
स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि नया नेतृत्व ईचागढ़ थाना को फिर से उसी पहचान पर लौटाएगा, जिसके लिए वह पूरे जिले में मिसाल रहा है।
पुलिस-पब्लिक तालमेल को मजबूत करना
पारदर्शिता और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करना
विवादों से घिरे थाना परिसर की गरिमा बहाल करना
स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि नया नेतृत्व ईचागढ़ थाना को फिर से उसी पहचान पर लौटाएगा, जिसके लिए वह पूरे जिले में मिसाल रहा है।









