जमशेदपुर, 30 जून 2025:
छोटा गोविंदपुर के सुंदरहातु स्थित बिरसा प्राथमिक विद्यालय में आज हूल दिवस के पावन अवसर पर 1855 के संथाल हूल के अमर शहीद नायक सिदो-कान्हू को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम का आयोजन जाकता सोरेन के नेतृत्व में किया गया, जिसमें क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और विद्यार्थी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत अमर शहीद सिदो-कान्हू, स्वतंत्रता सेनानी तिलका मांझी और धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के चित्रों पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पण कर की गई। उपस्थित लोगों ने “वीर शहीद अमर रहें!” के नारों से आसमान गुंजायमान कर दिया।
इस अवसर पर सामाजिक सेवा संघ के अध्यक्ष राजेश समांत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “हूल विद्रोह सिर्फ एक आंदोलन नहीं था, बल्कि यह आदिवासी अस्मिता, स्वाभिमान और स्वाधीनता की ऐतिहासिक घोषणा थी।” उन्होंने युवाओं से वीर सिदो-कान्हू के संघर्षों से प्रेरणा लेकर समाज में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
कार्यक्रम में पूर्व मुखिया शिवलाल लोहरा, लक्ष्मण सिंह मुंडा, झारखंड आंदोलनकारी छोटे सरदार, बोनता पिंगुवा, अजय सोरेन, रूपम सिंह, पूर्णिमा पाल, सावन तियु सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
इस कार्यक्रम ने हूल दिवस के ऐतिहासिक महत्व को न सिर्फ याद किया, बल्कि नई पीढ़ी को वीर आदिवासी महापुरुषों के योगदान से परिचित कराने का कार्य भी किया।









