Public Protest : कांड्रा स्थित ऐतिहासिक हरिश्चंद्र विद्या मंदिर को लेकर चल रहे विवाद में अब राजनीतिक सरगर्मी और तेज हो गई है। ईचागढ़ की विधायक सविता महतो ने इस मुद्दे पर खुलकर हस्तक्षेप किया है। अपने छात्र जीवन की यादें ताजा करते हुए विधायक ने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी कीमत पर विद्यालय के गौरव को धूमिल नहीं होने दिया जाएगा।
दरअसल, सरायकेला-खरसावां जिला के कांड्रा में स्थित इस प्रतिष्ठित स्कूल को बिल्डर जितेंद्र नाथ मिश्रा द्वारा कथित रूप से फर्जीवाड़े के जरिए कब्जाने का आरोप है। बताया जा रहा है कि कुछ शिक्षकों की मिलीभगत से नए ट्रस्ट का गठन कर स्कूल की संपत्ति बिल्डर के हाथों में सौंप दी गई, जिसकी जानकारी ना तो वार्ष्णेय परिवार को दी गई और ना ही स्थानीय जनता को।
तीन पीढ़ियों से विद्यालय से जुड़ी विधायक
हरिश्चंद्र विद्या मंदिर से विधायक सविता महतो का भावनात्मक रिश्ता रहा है। न केवल वे स्वयं इस विद्यालय की छात्रा रह चुकी हैं, बल्कि उनकी नानी, मां और दोनों भाई भी यहीं से पढ़े हैं। यही नहीं, झारखंड मुक्ति मोर्चा के कई वरिष्ठ नेता भी इसी विद्यालय के पूर्व छात्र रहे हैं।
विद्यालय की स्थापना 1945 में सरायकेला ग्लास फैक्ट्री के मालिक दिवंगत हरिश्चंद्र वार्ष्णेय द्वारा की गई थी। उनका उद्देश्य कंपनी कर्मियों के साथ-साथ आदिवासी एवं स्थानीय मूलवासियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना था।
बिना अनुमति काटे गए दर्जनों पेड़, जनता का फूटा आक्रोश
बिल्डर द्वारा कथित कब्जा के बाद बिना सरकारी अनुमति के स्कूल परिसर में लगे दर्जनों विशाल वृक्षों की कटाई कर दी गई। इस कार्रवाई से कांड्रा वासी बेहद आक्रोशित हैं। स्थानीय लोगों ने अब बिल्डर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
राजनीतिक समर्थन बढ़ा, प्रशासन भी हरकत में
अब केवल स्थानीय नागरिक ही नहीं, बल्कि झामुमो जिलाध्यक्ष डॉ. शुभेंदु महतो, केंद्रीय सदस्य सुधीर महतो और वरिष्ठ नेता कृष्णा बास्के भी इस लड़ाई में शामिल हो गए हैं। प्रशासनिक स्तर पर भी जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
शुक्रवार को स्कूल के पूर्व छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने विधायक सविता महतो से मुलाकात कर अपनी पीड़ा साझा की। इस पर विधायक ने उन्हें आश्वस्त किया कि किसी भी कीमत पर स्कूल की विरासत को नष्ट नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने जिलाधिकारी को इस पूरे मामले में सख्त जांच और त्वरित कार्रवाई का निर्देश देने की बात भी कही।
‘सिर्फ एक स्कूल नहीं, भावनाओं की विरासत है’ – सविता महतो
विधायक सविता महतो ने कहा, “यह विद्यालय केवल ईंट और गारे का ढांचा नहीं है, बल्कि तीन पीढ़ियों की भावनाओं, सपनों और संघर्षों का प्रतीक है। इसकी प्रतिष्ठा पर आंच नहीं आने दी जाएगी। फर्जी तरीके से स्कूल पर कब्जा जमाने वाले किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे।”
इस पूरे मामले को लेकर जिलेभर में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासनिक कार्रवाई इस ऐतिहासिक विद्यालय को उसके असली स्वरूप में बचाने में कितनी कारगर होती है।









