जमशेदपुर : साकची के काली माटी रोड स्थित श्री गुरु अर्जन देव जी महाराज के पावन शहीदी दिवस पर एक श्रद्धास्पद छबील सेवा का आयोजन किया गया, जिसमें मीठे जल और चने का वितरण कर संगत को सेवा और भक्ति का संदेश दिया गया। इस सेवा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और गुरु साहिब के बलिदान को नमन किया।

इस अवसर पर समाजसेवी एवं भाजपा नेता अमरप्रीत सिंह काले ने भी कार्यक्रम में उपस्थित होकर संगत का आशीर्वाद प्राप्त किया और गुरु अर्जन देव जी के जीवन और बलिदान पर प्रेरक वक्तव्य दिया। काले ने कहा,
“धर्म के रक्षक, शांति पुंज, और मानवता के पुजारी श्री गुरु अर्जन देव जी का बलिदान युगों-युगों तक देश प्रेम की प्रेरणा देता रहेगा।”
बलिदान की स्मृति, जो देता है साहस और संस्कार
अमरप्रीत सिंह काले ने कहा कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि गुरु अर्जन देव जी महाराज के अतुलनीय बलिदान की जीवंत स्मृति है। उनका बलिदान यह सिद्ध करता है कि जब भी धर्म, सत्य और राष्ट्र संकट में होते हैं, संत और महापुरुष अपने प्राणों की आहुति देकर भी मानवता की रक्षा करते हैं।उन्होंने कहा कि गुरु अर्जन देव जी ने न केवल सिख पंथ को दिशा दी, बल्कि उन्होंने सत्य, सहिष्णुता और साहस के मार्ग को दिखाकर सम्पूर्ण मानवता के लिए एक आदर्श प्रस्तुत किया।

“जो राष्ट्र अपने गुरुओं का बलिदान भूल जाता है…”
अपने संबोधन में काले ने भावुक स्वर में कहा:
“जो राष्ट्र अपने गुरुओं, साधु-संतों और महापुरुषों के बलिदान को भूल जाता है, वह कभी गौरवशाली भविष्य नहीं गढ़ सकता।”
उन्होंने कहा कि आज जब राष्ट्र सांस्कृतिक मूल्यों के क्षरण, सामाजिक विषमता और मानसिक भ्रम जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है, ऐसे समय में गुरु अर्जन देव जी जैसे आत्मज्ञानी संतों की शिक्षाओं को याद करना और उन्हें जीवन में आत्मसात करना अत्यंत आवश्यक है।
सेवा में सहभागिता: समाज की एकजुटता का प्रतीक
यह सेवा आयोजन साकची गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के पूर्व प्रधान सरदार सुरजीत सिंह (छीते पाजी), उनके परिवारजन और स्थानीय व्यापारियों के सहयोग से सम्पन्न हुआ। सेवा में भाग लेने वाले सभी लोगों ने गुरु के नाम पर समाज सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाया।

युवाओं को देना होगा मूल्यों का ज्ञान
अमरप्रीत सिंह काले ने विशेष रूप से युवा पीढ़ी को संबोधित करते हुए कहा:
“राष्ट्र और धर्म की रक्षा केवल सीमाओं पर नहीं, विचारों और मूल्यों की रक्षा से भी होती है।”
उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि हम अपने बच्चों और युवाओं को अपने धार्मिक, नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ें ताकि वे आने वाले भारत को संकल्प और सेवा से सशक्त बना सकें।
आमंत्रण: बलिदान को नमन, आदर्शों को आत्मसात करें
अंत में उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि
“गुरु अर्जन देव जी महाराज के शहीदी दिवस पर हम सभी उनका नमन करें और उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें, ताकि हम एक सशक्त, संवेदनशील और मूल्यों से भरा राष्ट्र बना सकें।”
मुख्य बिंदु:
- साकची में गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस पर छबील सेवा का आयोजन
- अमरप्रीत सिंह काले ने बलिदान की स्मृति को बताया प्रेरणा स्रोत
- समाजसेवियों, व्यापारियों एवं संगत की सक्रिय भागीदारी
- युवाओं को मूल्यों और विचारों की रक्षा की दिशा में जागरूक करने का आह्वान










