Guwa:बुधवार देर शाम नानक नगर का माहौल सुरों से सराबोर हो उठा, जब हिंदी सिने जगत के महानतम पार्श्व गायक मो. रफी साहब की 101वीं जयंती श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर केक काटकर रफी साहब को याद किया गया और उनके अमर गीतों से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया गया।
इस संगीतमय कार्यक्रम का आयोजन रफी साहब के प्रख्यात प्रशंसक व गायक कलाकार हरजीवन कच्छप ने किया। कार्यक्रम में गुआ के स्थानीय कलाकारों ने रफी साहब द्वारा गाए गए कालजयी गीतों की झड़ी लगा दी।
बाल कलाकार कुमार आशुतोष और स्वेता ने अपनी मधुर आवाज़ में गीत प्रस्तुत कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं हरजीवन कच्छप और संतोष बेहरा की जुगलबंदी ने “यम्मा यम्मा” और “हम प्रेमी प्रेम करना जाने” जैसे गीतों से खूब तालियां बटोरीं।
इसके अलावा कार्तिक दास, मोना और अरुण वर्मा ने भी अपने गीतों से माहौल को और भी गुलजार कर दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हरजीवन कच्छप ने कहा कि “रफी साहब के गीतों को निभा पाना सहज नहीं है। उनकी अमर आवाज़ हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगी। उनके गीत सुनने मात्र से ही मानसिक शांति मिलती है।”
इस अवसर पर बच्चों के बीच चॉकलेट का वितरण भी किया गया।
पूर्वी पंचायत मुखिया चांदमनीं लागुरी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा, अच्छी संगत और उत्साह का वातावरण बनाते हैं।
कार्यक्रम में राजेश दास, दीनबंधु तान्ति, सुनील लागुरी, सुनीता पूर्ति, अमरीका करुवा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे।









