Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम जिले में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) वैक्सीन को लेकर जागरूकता और टीकाकरण अभियान के तहत बुधवार को अनुमंडल अस्पताल घाटशिला में विशेष टीकाकरण शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
उद्घाटन समारोह में जिला परिषद सदस्य देवयानी मुर्मू, सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल, प्रमुख सुशीला टुडू, बीडीओ यूनिका शर्मा और अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. आर.एन. सोरेन उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सिविल सर्जन Sahir Pal ने कहा कि एचपीवी वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से बचाव का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह वैक्सीन कैंसर होने के बाद इलाज नहीं, बल्कि उससे पहले बचाव का टीका है, जो बेटियों के जीवन को सुरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
बीडीओ यूनिका शर्मा ने बताया कि एचपीवी वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और इसके साइड इफेक्ट्स सामान्यत: हल्के एवं अल्पकालिक होते हैं, जो स्वतः ठीक हो जाते हैं। वहीं उपाधीक्षक डॉ. आर.एन. सोरेन ने सलाह दी कि टीका लेने के बाद लाभार्थियों को 20 से 30 मिनट तक निगरानी में बैठना चाहिए, ताकि संभावित हल्के दुष्प्रभावों जैसे चक्कर, उल्टी या सिरदर्द को नियंत्रित किया जा सके।
उन्होंने यह भी बताया कि यह वैक्सीन 90 प्रतिशत से अधिक सर्वाइकल कैंसर और एचपीवी से जुड़े अन्य कैंसर के खतरे को कम करने में प्रभावी है।
कार्यक्रम के दौरान जिला परिषद सदस्य देवयानी मुर्मू ने कहा कि भारत में उपलब्ध एचपीवी वैक्सीन का व्यापक परीक्षण किया गया है और इसे सुरक्षित एवं प्रभावी पाया गया है।
सिविल सर्जन ने जानकारी दी कि यह टीकाकरण अभियान घाटशिला के साथ-साथ मुसाबनी, पटमदा, चाकुलिया और धालभूमगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी शुरू किया गया है। वहीं आगामी दिनों में पोटका और डुमरिया में भी शिविर आयोजित किए जाएंगे।
गौरतलब है कि जिले में इस अभियान की शुरुआत 30 मार्च 2026 को बहरागोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से की गई थी।
इस अभियान को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधकों, सहिया साथी एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की अहम भूमिका रही।









