धालभूमगढ़ का हिरणदुखड़ी बना झामुमो समर्थकों का नया गढ़

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Dhalbhumgarh: घाटशिला उपचुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के पक्ष में जनता का रुझान लगातार मजबूत होता जा रहा है। शनिवार को धालभूमगढ़ प्रखण्ड के हिरणदुखड़ी ग्राम में एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला, जहां देवाशीष मन्ना और मंगल मनकी के नेतृत्व में लगभग 60 लोगों ने भाजपा छोड़ झामुमो की सदस्यता ग्रहण की।

सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद थीं राज्यसभा सांसद महुआ माझी और झामुमो प्रत्याशी सोमेश चंद्र सोरेन। ग्रामीणों ने भाजपा की नीतियों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वे अब झारखंड सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से प्रभावित होकर झामुमो के साथ हैं।

नेताओं के तीखे तेवर और जोशीले संबोधन

सौरभ चक्रवर्ती ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा —
“बाप-बेटे की जोड़ी आज झामुमो की आलोचना में व्यस्त है, लेकिन भूलिए मत — झामुमो ही उनकी पहचान की जननी है।
अगर भाजपा जीतती है तो जनता ‘फुटबॉल’ बन जाएगी — बाप भेजेगा जादूगोड़ा, बेटा भेजेगा झीलिंगोड़ा।”


उन्होंने कहा कि सम्मान देने वाली पार्टी की निंदा करना हमारी संस्कृति नहीं है, और आज जनता को यह तय करना है कि “सम्मान की राजनीति” चाहिए या “स्वार्थ की।”


महुआ माझी ने दिया महिला सशक्तिकरण का संदेश

राज्यसभा सांसद महुआ माझी ने अपने उद्बोधन में कहा —

“भाजपा के शासन में गांव-गांव में दलाल घूमते थे, महिलाओं को नौकरी का झांसा देकर उनका शोषण होता था।
आज झारखंड सरकार ने महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा दी है। किशोरियों को सावित्रीबाई फुले किशोरी सम्मान मिल रहा है।
आइए, हम सब मिलकर स्व. रामदास बाबू के सपनों का झारखंड बनाएं।”

सोमेश सोरेन बोले — “यह राजनीति नहीं, नियति का आदेश है”

झामुमो प्रत्याशी सोमेश चंद्र सोरेन ने भावुक होते हुए कहा —

“मेरे बाबा स्व. रामदास सोरेन का सपना था कि घाटशिला शिक्षा का हब बने।
जनजातीय विश्वविद्यालय, माइनिंग कॉलेज, डिग्री कॉलेज और कृषि विश्वविद्यालय उसी सपने की नींव हैं।
मुझे राजनीति में आना नियति का आदेश था — और आपके इस स्नेह व आशीर्वाद के लिए मैं सदैव कृतज्ञ रहूंगा।”



कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ नेता काजल डॉन ने किया।
सभा के अंत में पूरे जोश और उत्साह के साथ नारे गूंजे —
“दिसोम गुरु अमर रहे!” “स्व. रामदास सोरेन अमर रहे!” “हेमंत सोरेन जिंदाबाद!” “सोमेश सोरेन जिंदाबाद!” “जय झारखंड!”

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