Ghatshila। आगामी घाटशिला विधानसभा उपचुनाव को लेकर आदिवासी कुङमि समाज ने बड़ा ऐलान किया है। गुरुवार को गालूडीह स्थित मारवाड़ी धर्मशाला में आयोजित घाटशिला विधानसभा स्तरीय बैठक में समाज के संरक्षक एवं झारखंड आंदोलनकारी अजित प्रसाद महतो ने कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर राज्य और केंद्र सरकार कुङमि समाज की मांगों पर वार्ता नहीं करती है, तो समाज उपचुनाव में वोट बहिष्कार करने को बाध्य होगा।
महतो ने कहा कि कुङमि समाज पिछले 75 वर्षों से अपने तीन प्रमुख मांगों—
एसटी सूची में शामिल करने,
कुङमालि भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में दर्ज करने, और
सरना धर्म कोड लागू करने
—को लेकर संघर्षरत है।
उन्होंने कहा कि “20 सितंबर को झारखंड, ओडिशा और बंगाल के लाखों महतो समाज के लोगों ने रेल टेका आंदोलन किया, फिर भी सरकारों ने अब तक संवाद शुरू नहीं किया। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।”
युवा आंदोलनकारी अमित महतो ने कहा कि घाटशिला उपचुनाव में “नो एसटी, नो वोट” के नारे को बुलंद किया जाएगा। समाज गाँव-गाँव में जाकर ग्रामसभा करेगा और हस्ताक्षर अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करेगा। जल्द ही निर्वाचन आयोग और उपायुक्त को समाज का मांग पत्र सौंपा जाएगा।
केंद्रीय अध्यक्ष सशंक शेखर महतो ने कहा, “अब समय आ गया है कि हम वोट की चोट से अपनी बात मनवाएँ।”
वहीं झारखंड राज्य अध्यक्ष पदमलोचन महतो ने कहा कि “समाज के युवा अब जाग चुके हैं, यह लड़ाई हक और सम्मान की है।”
केंद्रीय नेतृत्व जयराम महतो ने कहा, “यह आंदोलन अस्तित्व और अस्मिता की रक्षा की लड़ाई है, जो अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है।”
बैठक में बिरेन महतो, मलय, विजय, विकास, वीरेंद्र, चंदन, मुकेश, माधव, पीयूष, शंकर, सुनील महतो समेत बड़ी संख्या में समाज के नेता, ग्राम प्रमुख और युवा उपस्थित थे।









