Ghatshila:घाटशिला प्रखण्ड के दहीगोड़ा स्थित ऐतिहासिक सर्कस मैदान की बदहाल सफाई व्यवस्था इन दिनों स्थानीय नागरिकों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है। लगातार हो रहे विवाह समारोहों एवं अन्य आयोजनों के बाद मैदान की समुचित सफाई न होने से यह सार्वजनिक स्थल धीरे–धीरे गंदगी का केंद्र बनता जा रहा है, जिससे न केवल आमजन परेशान हैं बल्कि शहर की छवि भी धूमिल हो रही है।
आयोजनों के समाप्त होते ही पंडाल और खान–पान की व्यवस्थाएं तो हटा ली जाती हैं, लेकिन प्लास्टिक की बोतलें, डिस्पोजेबल ग्लास, पत्तल, जूठा भोजन और अन्य कचरा खुले में छोड़ दिया जाता है। इससे क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है और राहगीरों व आसपास के ग्रामीणों को अस्वच्छ वातावरण का सामना करना पड़ रहा है।
स्थिति इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि बंगला साहित्य के महान उपन्यासकार विभूति भूषण बंदोपाध्याय से जुड़ा प्रसिद्ध स्थल गौरी कुंज जाने का मार्ग इसी सर्कस मैदान से होकर गुजरता है। शीतकालीन पर्यटन सीजन में बड़ी संख्या में पर्यटक घाटशिला पहुंचते हैं, लेकिन रास्ते में फैली गंदगी और बदबू उनकी पहली छाप को नकारात्मक बना रही है, जो पर्यटन–अनुकूल घाटशिला की पहचान के लिए शुभ संकेत नहीं है।
स्थानीय लोगों की नाराजगी को देखते हुए युवा नेता सौरभ बोस के नेतृत्व में ग्रामीणों ने वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक प्रतिनिधि जगदीश भकत से संपर्क किया। इसके बाद घाटशिला विधायक सोमेश चन्द्र सोरेन तथा घाटशिला अनुमंडल पदाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि सर्कस मैदान में बाजार, विवाह एवं अन्य आयोजनों को ध्यान में रखते हुए साफ–सफाई को लेकर सख्त एवं ठोस नियम बनाए जाएं, ताकि प्रत्येक कार्यक्रम के बाद अनिवार्य रूप से सफाई सुनिश्चित की जा सके।
अब सवाल यह है कि प्रशासन इस जनहित के मुद्दे पर कितनी गंभीरता दिखाता है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह बदहाली घाटशिला की स्वच्छ, सुंदर और पर्यटन–मैत्री छवि को और नुकसान पहुंचा सकती है।
इस मौके पर वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक प्रतिनिधि जगदीश भकत, युवा नेता सौरभ बोस के साथ स्थानीय ग्रामीणों में जीतेन पूर्ति, राजू बारी, विष्णु शर्मा, सुमित्रा हेंब्रम, सुनीता महाली, राजा शीट, रीना सिंहदेव, श्याम बारी, प्रदीप दास तथा बाजार समिति के अध्यक्ष समीर बोस सहित कई लोग उपस्थित रहे।









