एमजीएम थाना पुलिस पर जबरन एफआईआर करवाने का आरोप, पीड़िता ने की निष्पक्ष जांच की मांग

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Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम जिले के एमजीएम थाना क्षेत्र के अंतर्गत रहने वाली राबड़ी प्रमाणिक (25 वर्ष), पति आदित्य प्रमाणिक ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जमशेदपुर को एक लिखित आवेदन देकर एमजीएम थाना पुलिस पर धोखे से एफआईआर दर्ज करवाने का गंभीर आरोप लगाया है।

राबड़ी प्रमाणिक के अनुसार, उनके बड़े भाई चमटू प्रमाणिक उर्फ शंभू प्रमाणिक (उम्र 28 वर्ष), जो बेताकोचा भूत बंगला स्थित एक स्टोन चिप्स एवं डस्ट मिक्सिंग फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं, 24 अक्टूबर 2025 को कार्य के दौरान गंभीर दुर्घटना का शिकार हो गए। इस दुर्घटना में उनका हाथ पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा उन्हें तत्काल टीएमएच अस्पताल, जमशेदपुर में भर्ती कराया गया, जिसके बाद बेहतर इलाज हेतु AIIMS भुवनेश्वर रेफर किया गया। इलाज का खर्च फैक्ट्री मालिक द्वारा वहन किया जा रहा है, जिसके लिए परिवार ने फैक्ट्री मालिक का आभार व्यक्त किया है।


राबड़ी प्रमाणिक ने बताया कि 26 अक्टूबर को दो व्यक्ति उनके घर आए और स्वयं को एमजीएम थाना पुलिस का परिचय देते हुए परिवार को थाने चलने को कहा। बताया गया कि यह केवल मुआवजा और विकलांगता प्रमाणपत्र से संबंधित औपचारिक प्रक्रिया है। जब परिवार थाना पहुंचा, तो मुंशी ने पूर्व-लिखित एक कागज पर हस्ताक्षर करवाए। बाद में पता चला कि वह एक एफआईआर की प्रति थी, जो छलपूर्वक उनसे साइन करवाई गई।

पीड़िता ने कहा कि ग्राम सभा में ग्रामीणों व फैक्ट्री प्रबंधन की उपस्थिति में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था कि घायल मजदूर का समुचित इलाज कराया जाए, मुआवजा दिया जाए और उसके लिए स्थायी रोजगार सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, यह भी तय किया गया था कि कोई कानूनी मामला दर्ज नहीं किया जाएगा। बावजूद इसके, थाना पुलिस ने भ्रामक तरीके से जबरन एफआईआर दर्ज कर ली।


राबड़ी प्रमाणिक ने इस पूरे घटनाक्रम को गरीब मजदूर परिवार के साथ धोखाधड़ी बताते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करते हुए इस झूठे तरीके से दर्ज एफआईआर को तत्काल रद्द किया जाए।

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