विश्व पर्यावरण दिवस पर बागबेड़ा वॉयरलैस मैदान में विशाल पौधारोपण कार्यक्रम, पर्यावरण जागरूकता अभियान से गूंजा इलाका

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जमशेदपुर, 5 जून:
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बागबेड़ा क्षेत्र में एक प्रेरणादायक पहल के तहत वॉयरलैस मैदान में भव्य पौधारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान का नेतृत्व पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता एवं उप मुखिया मुकेश सिंह ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, स्थानीय नागरिक व युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने अपने कर-कमलों से आम, नीम, शीशम, जामुन, कदम, नारियल जैसे दर्जनों छायादार और फलदार पौधे लगाकर अभियान की शुरुआत की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि हम आज प्रकृति की रक्षा नहीं करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।” उन्होंने उपस्थित नागरिकों से अपील की कि वे हर व्यक्ति कम से कम एक पौधा लगाकर उसका पालन-पोषण करें।

सुनील गुप्ता ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य सिर्फ पौधे लगाना नहीं, बल्कि लोगों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भाव जागृत करना है। उन्होंने कहा कि “हमारा प्रयास है कि पर्यावरण संरक्षण के महत्व को हर व्यक्ति तक पहुँचाया जाए और साथ ही प्रदूषण की रोकथाम के लिए सामूहिक रूप से कदम उठाया जाए।”

कार्यक्रम में यह भी जानकारी दी गई कि रेलवे प्रशासन द्वारा बागबेड़ा वॉयरलैस मैदान को पार्क के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह स्थान अब स्थानीय नागरिकों के लिए सुबह-शाम भ्रमण व स्वास्थ्य लाभ हेतु एक उपयुक्त स्थल बनता जा रहा है। ऐसे में पौधारोपण का यह कदम आने वाले समय में न केवल हरियाली बढ़ाएगा बल्कि वायु की गुणवत्ता सुधारने में भी सहायक होगा।

इस अभियान में कई स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे, जिनमें प्रमुख रूप से संतोष ठाकुरपूर्व उप मुखिया संतोष लालवार्ड सदस्य प्रतिनिधि राजकुमार सिंहसमाजसेवी शशि आचार्यागौरी पांडेउमा शर्मासत्येंद्र कुमारसतीश ठाकुरराजेंद्र कुंवरपंकज कुमार सिंहप्रदीप ठाकुरआनंद कुमारसोनू दाससाजन कुमारअंगद पांडे एवं प्रवीण कुमार शामिल थे।

सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे न केवल पौधारोपण करेंगे, बल्कि पौधों के संरक्षण व संवर्धन की जिम्मेदारी भी उठाएंगे। कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण की शपथ के साथ किया गया।