धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती एवं जनजातीय गौरव दिवस पर भाजपा करेगी कई कार्यक्रमों का आयोजन

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Jamshedpur : धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती एवं जनजातीय गौरव दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की तैयारी को लेकर बुधवार को भाजपा जमशेदपुर महानगर के साकची स्थित जिला कार्यालय में प्रेस वार्ता आयोजित की गई।
इस अवसर पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता रघुवर दास ने कहा कि भारत का जनजातीय समाज 1857 से बहुत पहले ही स्वतंत्रता संग्राम की नींव रख चुका था।
उन्होंने कहा कि “बाबा तिलका मांझी से लेकर धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा तक हमारे देश के जनजातीय समाज ने अद्वितीय शौर्य और बलिदान का इतिहास रचा है।”

रघुवर दास ने कहा कि 1767 का चुआर विद्रोह, 1778 का पहाड़िया आंदोलन, 1831 का कोल विद्रोह, 1855 का संथाल हुल, और 1899 का उलगुलान आंदोलन देश की आज़ादी की नींव बने। उन्होंने कहा कि ये सभी संघर्ष केवल राजनीतिक स्वतंत्रता के नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और स्वराज के प्रतीक थे।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आज़ादी के 50 वर्षों तक आदिवासी वीरों के बलिदान को भुलाने की कोशिश की गई, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन भूले अध्यायों को पुनर्जीवित कर सच्चा सम्मान दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा आदिवासी समाज को वोट बैंक नहीं, बल्कि अपने विशाल परिवार का हिस्सा मानती है।

रघुवर दास ने बताया कि भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर नई दिल्ली स्थित बसेरा पार्क में उनकी भव्य प्रतिमा का अनावरण किया गया है। झारखंड में उनके कारागार स्थल पर भव्य स्मारक और संग्रहालय का निर्माण डबल इंजन सरकार के कार्यकाल में किया गया था।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पेसा कानून, वन अधिकार अधिनियम 2006, वन धन योजना, ट्राइ-फूड योजना और प्रधानमंत्री जनमन योजना (2023) जैसी ऐतिहासिक योजनाओं ने आदिवासी समाज को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाया है। उन्होंने झारखंड सरकार से पेसा कानून को जल्द लागू करने की मांग की।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि एकलव्य आवासीय विद्यालयों की संख्या जुलाई 2025 तक 722 तक पहुंच चुकी है। वहीं आयुष्मान भारत और जल जीवन मिशन जैसी योजनाएं आदिवासी कल्याण के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

उन्होंने बताया कि भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में भाजपा एक सप्ताह तक देशभर में कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित कर रही है, जिसमें जनजातीय वीरता, लोक संस्कृति, कला और नृत्य के प्रदर्शन शामिल होंगे।

अंत में रघुवर दास ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा धर्मांतरण के आजीवन विरोधी थे, और भाजपा सरकार ने धर्मांतरण निषेध कानून बनाकर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने सभी झारखंडवासियों को राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर शुभकामनाएं दीं और आह्वान किया कि —
“हम सब धरती आबा के आदर्शों पर चलकर आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और संस्कृति के मार्ग पर आगे बढ़ें — यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”

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